ममता की सागर होती है मां

Published at :16 Jul 2013 1:36 PM (IST)
विज्ञापन
ममता की सागर होती है मां

जामताड़ा : मां जिसकी कोई परिभाषा नहीं. मां के आंचल की छांव में बच्च इस दुनिया से रूबरू होता है. बच्चे के दुख से मां दुखी हो जाती है, तो बच्चे की खुशी पर मां खुद को सबसे सुखी मानती है. बदलते जमाने व आधुनिकता के इस दौर में पारिवारिक संबंधों का महत्व कम होता […]

विज्ञापन

जामताड़ा : मां जिसकी कोई परिभाषा नहीं. मां के आंचल की छांव में बच्च इस दुनिया से रूबरू होता है. बच्चे के दुख से मां दुखी हो जाती है, तो बच्चे की खुशी पर मां खुद को सबसे सुखी मानती है.

बदलते जमाने व आधुनिकता के इस दौर में पारिवारिक संबंधों का महत्व कम होता जा रहा है. इसके बावजूद मां का स्थान कोई नहीं ले सकता और उसकी कमी कोई पूरी नहीं कर सकता है.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola