चपरासी करता है पशुओं का इलाज
Updated at : 23 Aug 2017 5:01 AM (IST)
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पशु चिकित्सालय. नहीं हैं स्थायी चिकित्सक, जर्जर हो गया है भवन कृषि व पशुपालन के सहारे किसानों की स्थिति सुधारने का दावा सरकार भले ही करती है पर जमीनी सच्चाई कुछ अलग बयान कर रही है. इसका सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है. नारायणपुर : नये वित्तीय वर्ष में कृषि व पशुपालन पर 2100 […]
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पशु चिकित्सालय. नहीं हैं स्थायी चिकित्सक, जर्जर हो गया है भवन
कृषि व पशुपालन के सहारे किसानों की स्थिति सुधारने का दावा सरकार भले ही करती है पर जमीनी सच्चाई कुछ अलग बयान कर रही है. इसका सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है.
नारायणपुर : नये वित्तीय वर्ष में कृषि व पशुपालन पर 2100 करोड़ खर्च करने का दावा सरकार कर चुकी है. कृषि व पशुपालन के सहारे किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने का दावा किया जा रहा है. इसके इतर नारायणपुर प्रखंड का पशु चिकित्सालय पिछले कई वर्षों से बीमार चल रहा है. इस कारण किसानों और पशुपालकों में परेशानी को मौसमी बीमारी होने पर पशुओं को इलाज कराने में काफी परेशानी होती है. झोला छाप चिकित्सक पर आश्रित रहने नियति बन गयी है़ नारायणपुर प्रखंड की एक लाख से अधिक आबादी पर एक भी पशु चिकित्सक नहीं है़ जबकि यह प्रखंड मुख्यालय का चिकित्सालय है़
यहां पर अब पशुओं का इलाज कार्यरत चपरासी सलाउद्दीन अंसारी के भरोसे हो रहा है. जिस आदमी को कल तक सीरिंज भी पकड़ने नहीं आता हो. वह कैसा इलाज करता है इसका सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है. पशुपालक उन्हें ही चिकित्सक समझ कर उनसे इलाज करवाते है़ं भवन की खिड़कियां को दीमक खा गयी है़ कुछ खिड़कियों को रस्सी से बांध कर रखा गया है, जो कर्मी है वो अपना समय इसी भवन में बैठ कर बिताते हैं और चले जाते है़ं कई चिकित्सक एवं पदाधिकारी आये और चले गये. लेकिन भवन की रखरखाव, साफ-सफाई और रंगरोगन पर ध्यान नहीं दिया गया. यह स्थिति जिला के विभागीय पदाधिकारियों के लापरवाही के कारण उत्पन्न हुई है़ विभागीय पदाधिकारी चांदी के चंद सिक्के के लिये कर्मियों को पदस्थापना मुख्यालय से भी दूर कर देते हैं और मुख्यालय को खाली छोड़ देते है़ं विभाग के द्वारा एक चिकित्सक को चैनपुर स्थित उप स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थापित किया गया है, जबकि नारायणपुर मुख्यालय का चिकित्सालय को खाली छोड़ दिया है़
विभागीय पदाधिकारियों की लापरवाही के कारण उत्पन्न हुई स्थिति
माह में छह दिन आते हैं चिकित्सक
नारायणपुर मुख्यालय स्थित पशु चिकित्सालय प्रभार में संचालित हो रहा है़ यहां पर चैनपुर के चिकित्सक को सप्ताह दो दिन प्रतिनियोजन किया गया है़ लेकिन इनके आने और जाने में ही समय सारा का सारा समाप्त हो जाता है़
पूर्व में चकाचक रहता था चिकित्सालय
एक समय था जब नारायणपुर को पशु चिकित्सालय हर हमेशा पशु से भरमार रहती है. लेकिन पिछले एक दशक से इस चिकित्सालय की स्थिति काफी खराब हो गयी है़ यहां पर न चिकित्सक रहते हैं और न अधिकारी़ इस कारण इस चिकित्सालय की स्थिति बद से बदतर होती चली गयी है़
क्या कहते हैं चिकित्सक
नारायणपुर में चिकित्सक प्रतिनियोजन के लिए जिला को लिखा गया है़ विभागीय आदेश आते ही चिकित्सालय में तैनात कर दिया जायेगा.
रितेश गुप्ता, प्रभारी चिकित्सक
क्या कहते हैं चिकित्सक
नारायणपुर में चिकित्सक प्रतिनियोजन के लिए जिला को लिखा गया है़ विभागीय आदेश आते ही चिकित्सालय में तैनात कर दिया जायेगा.
रितेश गुप्ता, प्रभारी चिकित्सक
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