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टेल्को वर्कर्स यूनियन का अस्तित्व समाप्त, वार्ता नहीं, हाइकोर्ट जाने की तैयारी में टाटा मोटर्स प्रबंधन

Updated at : 19 Jan 2024 9:56 AM (IST)
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टेल्को वर्कर्स यूनियन का अस्तित्व समाप्त, वार्ता नहीं, हाइकोर्ट जाने की तैयारी में टाटा मोटर्स प्रबंधन

टाटा मोटर्स प्रबंधन ने उप श्रमायुक्त को सौंपे गये जवाब में कई तथ्य रख बताया कि टेल्को वर्कर्स यूनियन से वार्ता नहीं कर सकती है. दूसरी तरफ टेल्को वर्कर्स यूनियन के खिलाफ टाटा मोटर्स प्रबंधन हाइकोर्ट जाने की तैयारी में है.

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Jamshedpur News: टाटा मोटर्स के बाइसिक्स कर्मचारियों के स्थायीकरण मामले में टेल्को वर्कर्स यूनियन को भी वार्ता में शामिल करने से टाटा मोटर्स प्रबंधन ने एक सिरे से खारिज कर दिया है. कंपनी के प्लांट हेड रवींद्र कुलकर्णी ने इस मामले में उप श्रमायुक्त को सौंपे गये जवाब में कई तथ्य रख बताया कि टेल्को वर्कर्स यूनियन से वार्ता नहीं कर सकती है. दूसरी तरफ टेल्को वर्कर्स यूनियन के खिलाफ टाटा मोटर्स प्रबंधन हाइकोर्ट जाने की तैयारी में है. मामला टेल्को वर्कर्स यूनियन की ओर से हाइकोर्ट के आदेश को गलत तरीके से प्रस्तुत करने का है. प्रबंधन का कहना है कि टेल्को वर्कर्स यूनियन की ओर से हाइकोर्ट के आदेश को गलत तरीके से प्रस्तुत किया जा रहा है, जो अदालत की अवमानना है. टाटा मोटर्स को इस मामले में उच्च न्यायालय पटना में अवमानना याचिका दायर करने का अधिकार सुरक्षित है. महासचिव होने का दावा करने वाले प्रकाश कुमार, उपाध्यक्ष होने का दावा करने वाले आकाश दुबे और सदस्य होने का दावा करने वाले हर्षवर्धन आज की तारीख में टाटा मोटर्स जमशेदपुर के कर्मचारी भी नहीं हैं, इसलिए वे पदाधिकारी नहीं हो सकते और टेल्को वर्कर्स यूनियन की मान्यता रद्द है. अपंजीकृत ट्रेड यूनियन का कोई कानूनी अस्तित्व नहीं होता है.

टेल्को वर्कर्स यूनियन नेता बाइसिक्स कर्मियों के स्थायीकरण में डाल रहे बाधा : टाटा मोटर्स यूनियन

टाटा मोटर्स के बाइ सिक्स कर्मचारियों के स्थायीकरण में टेल्को वर्कर्स यूनियन के नेता बाधा उत्पन्न कर रहे हैं. उक्त बातें गुरुवार को टाटा मोटर्स वर्कर्स यूनियन के सलाहकार प्रवीण सिंह ने प्रेस वार्ता में कही. उन्होंने कहा कि टाटा मोटर्स कंपनी से हर्षवर्धन सिंह बर्खास्त हैं. टेल्को वर्कर्स यूनियन के नाम पर रोटी सेंकने वाले अस्थायी कर्मियों के स्थायीकरण को ट्रिब्यूनल या यूं कहे कि केस मुकदमा में फंसाना चाहते हैं. केस मुकदमा होने से बाइ सिक्स कर्मचारियों के नियोजन का मामला फंस जायेगा. उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि वार्ता में बाधा बनने की कोशिश कर रहे हैं या मामले को कोर्ट में ले जाने का कोशिश कर रहे लोगों को चिह्नित कर सामाजिक रूप से बहिष्कृत करने की आवश्यकता है. बाइ सिक्स कर्मचारियों को अपने हक के लिए वार्ता में घुसने का प्रयास कर रहे हैं लोगों को मुंहतोड़ जवाब दें. एक तरफ टाटा मोटर्स यूनियन प्रयासरत है कि दिवंगत मजदूर नेता गोपेश्वर के समय से चली आ रही वार्ड रजिस्ट्रेशन, बहाली प्रक्रिया जारी रहे. वर्तमान समय पर अस्थायी कर्मचारियों के स्थायीकरण और वार्ड रजिस्ट्रेशन निरंतर जारी रखने पर प्रबंधन, सरकार और यूनियन के बीच बातचीत का दौर जारी है.

हर्षवर्धन ने राज्यपाल को भेजा पत्र, वार्ता में शामिल करने की मांग

इधर हर्षवर्धन सिंह ने गुरुवार को राज्यपाल के नाम पत्र भेजा टाटा मोटर्स के बाइ सिक्स कर्मचारियों के स्थायीकरण के लिए होने वाली वार्ता में शामिल करने का आग्रह किया है. इससे पूर्व हर्षवर्धन सिंह श्रमायुक्त को दो बार वार्ता में शामिल कराने के लिए पत्र दे चुके है. हर्षवर्धन सिंह से पूछे जाने पर कहा कि कोर्ट से टेल्को वर्कर्स यूनियन को मान्यता मिली है. वे यूनियन के सदस्य है या नहीं यह बोलने वाले टाटा मोटर्स यूनियन के नेता कौन होते हैं.

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