टाटा स्टील के टिनप्लेट डिवीजन में मेंटेनेंस के चलते शटडाउन, तीन से छह दिनों तक थमेगा उत्पादन
टाटा स्टील का टिनप्लेट डिवलीजन.
Jamshedpur News: जमशेदपुर में टाटा स्टील के टिनप्लेट डिवीजन में मेंटेनेंस के लिए तीन से छह दिनों का शटडाउन लिया गया है. इस दौरान मशीनों की मरम्मत और पुर्जों का बदलाव होगा. कंपनी ने 2026-27 के लिए 7.15 लाख टन उत्पादन का लक्ष्य तय किया है, जबकि प्रोपेन आपूर्ति पर नजर रखी जा रही है. इससे संबंधित पूरी खबर नीचे पढ़ें.
जमशेदपुर से अशोक झा की रिपोर्ट
Jamshedpur News: जमशेदपुर में टाटा स्टील टिनप्लेट डिवीजन में बेहतर उत्पादन और मशीनों की कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए वार्षिक शटडाउन लिया है. कंपनी प्रबंधन ने इस दौरान पिकलिंग-1 व 2, ईसीएल (इलेक्ट्रोलाइटिक क्लीनिंग लाइन) और 6-हाई प्लांट को अस्थायी रूप से बंद करने का निर्णय लिया है. यह शटडाउन अलग-अलग यूनिट्स के लिए तीन से छह दिनों तक के लिए लिया गया है. इस अवधि में प्लांट के घिस चुके कल-पुर्जों को बदला जायेगा और तकनीकी मरम्मत की जायेगी. ताकि अगले पूरे वित्तीय वर्ष में बिना किसी बाधा के उत्पादन लक्ष्य को हासिल किया जा सके.
आपके शहर में
7.15 लाख टन उत्पादन का है लक्ष्य
गौरतलब है कि टिनप्लेट डिवीजन खाद्य पदार्थों को लंबे समय तक सुरक्षित रखने वाले टिन पैकेजिंग उत्पादों का निर्माण करता है. कंपनी ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 7.15 लाख टन उत्पादन का लक्ष्य तय किया है. साल भर निरंतर चले परिचालन के बाद मशीनों के मेंटेनेंस के लिए यह ब्रेक अनिवार्य माना जा रहा है.
प्रोपेन गैस की आपूर्ति पर प्रबंधन की नजर
नये वित्तीय वर्ष पर टिनप्लेट डिवीजन में आयोजित केक कटिंग समारोह के दौरान प्लांट के तत्कालीन एक्जीक्यूटिव इंचार्ज (ईआइसी) उज्जवल चक्रवर्ती ने कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा था कि प्लांट में प्रोपेन गैस का स्टॉक कम जरूर है, लेकिन स्थिति चिंताजनक नहीं है. गैस की कमी के कारण प्लांट बंद होने की नौबत नहीं आयेगी. जरूरत पड़ने पर अन्य प्लांट से गैस मंगवायी जायेगी और वैकल्पिक व्यवस्था पर भी काम चल रहा है.
इसे भी पढ़ें: मांडू विधायक निर्मल महतो का आरोप, रामगढ़ नगर उपाध्यक्ष पर दर्ज कराया रंगदारी मांगने का मामला
युद्ध से प्रोपेन की आपूर्ति प्रभावित
वैश्विक युद्ध और अंतरराष्ट्रीय सप्लाई चेन में बाधा के कारण प्रोपेन की आपूर्ति प्रभावित हुई है. टिनप्लेट में प्रोपेन का उपयोग कोटिंग प्रक्रिया में टिन पिघलाने, भट्टियों को गर्म करने और मेटल फेब्रिकेशन के लिए किया जाता है. प्रबंधन इस संकट से निपटने के लिए निरंतर प्रयासरत है.
इसे भी पढ़ें: चास फॉरेस्ट लैंड घोटाले की सीआईडी कर रही है जांच, बांधगोड़ा मामले में अंचल कार्यालय पहुंचे अधिकारी
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए