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जन्म से लेकर मृत्यु तक मनुष्य के अलग-अलग हैं अधिकार : सुमित्रा

Updated at : 30 Jul 2024 7:46 PM (IST)
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जन्म से लेकर मृत्यु तक मनुष्य के अलग-अलग हैं अधिकार : सुमित्रा

मंगलवार को डीबीएमएस बीएड कॉलेज में एक सेमिनार का आयोजन किया गया. मानवाधिकार आयोग की ओर से आयोजित इस सेमिनार में मुख्य अतिथि के रूप में सुचित्रा सिन्हा उपस्थित थी.

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जमशेदपुर :

मंगलवार को डीबीएमएस बीएड कॉलेज में एक सेमिनार का आयोजन किया गया. मानवाधिकार आयोग की ओर से आयोजित इस सेमिनार में मुख्य अतिथि के रूप में सुचित्रा सिन्हा उपस्थित थी. उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि एक इंसान के जन्म से लेकर मृत्यु तक उनके अलग-अलग कई अधिकार हैं. बाल अपराध, शिक्षा का अधिकार, महिलाओं के अधिकार, निजता के अधिकार, आम नागरिक के अधिकार के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी दी. उन्होंने कहा कि हाल ही में जीरो एफआइआर की प्रक्रिया शुरू की गयी है. जिसमें अगर किसी के साथ दुष्कर्म होता है तो वह कहीं से भी तीन माह के अंदर एफआइआर दर्ज करवा सकती है. उन्होंने माय राइट माय माइट से जुड़े अधिकार भी बताएं. मौके पर जिला नोडल पदाधिकारी संध्या रानी, सचिव श्रीप्रिया धर्मराजन, प्रिंसिपल डॉ जूही समर्पिता समेत कई अन्य उपस्थित थे.

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