ePaper

jamshedpur news : मुआवजे पर नहीं बनी सहमति, पति- पत्नी के एक साथ निकले शव

Updated at : 12 Jan 2026 11:57 PM (IST)
विज्ञापन
jamshedpur

जमशेदपुर (फाइल फोटो)

शनिवार की शाम दुर्घटना में मौके पर ही पति की हो गयी थी मौत, इलाज के दौरान शनिवार की देर रात पत्नी ने भी तोड़ दिया था दम

विज्ञापन

शनिवार की शाम दुर्घटना में मौके पर ही पति की हो गयी थी मौत

इलाज के दौरान शनिवार की देर रात पत्नी ने भी तोड़ दिया था दम

jamshedpur news : भुइयांडीह बस स्टैंड के पास चेसिस की चपेट में आने से घायल मानगो टैंक रोड विश्वकर्मा कॉलोनी निवासी नीलम देवी की भी शनिवार की देर रात टीएमएच में इलाज के दौरान मौत हो गयी. शनिवार की शाम दुर्घटना में मौके पर ही पति लाला विश्वकर्मा की मौत हो गयी थी. रविवार को प्रशासन और गाड़ी मालिक के इंतजार करने के बाद सोमवार की देर शाम को लाला विश्वकर्मा और उनकी पत्नी नीलम देवी के शव का अंतिम संस्कार एक साथ भुइयांडीह स्थित सुवर्णरेखा बर्निंग घाट पर किया गया. सोमवार को जिला प्रशासन के अधिकारी के समक्ष वार्ता कर मुआवजा पर फैसला करने की बात हुई थी. लेकिन, बात नहीं हाे पायी.

शव लेकर बर्निंग घाट पर आने के बाद नीलम देवी के देवर विष्णु कुमार विश्वकर्मा ने बताया कि घटना के दो दिन बाद भी अब तक जिला प्रशासन की ओर से कोई पहल नहीं की गयी. जनप्रतिनिधियों ने कई बार उपायुक्त और एसएसपी से फोन कर मामले में कार्रवाई करने और मुआवजा देने पर वार्ता कराने को कहे. लेकिन, सोमवार को पूरे दिन मृतक के परिजन जिला प्रशासन के पदाधिकारियों का इंतजार ही करते रह गये. कोई फोन तक नहीं आया. उन्होंने कहा कि गाड़ी मालिक भी मानवता के नाते एक बार भी घर पर नहीं आये. ऐसे में किसी से कोई उम्मीद नहीं की जा सकती. सोमवार की देर शाम को दोनों शवों का अंतिम संस्कार किया गया. बताया जाता है कि रविवार को परिजनों ने चेसिस के ट्रांसपोर्ट मालिक से 50 लाख रुपये और बेटा या बेटी को पढ़ाई के बाद नौकरी देने की मांग की थी. पुलिस ने ट्रांसपोर्ट कंपनी के अधिकारी को वार्ता के लिए थाना बुलाया. ट्रांसपोर्ट कंपनी के अधिकारी ने इंश्योरेंस कंपनी से मुआवजा की राशि दिलाने का भरोसा दिया. लेकिन, मुआवजा को लेकर सहमति नहीं बन पायी थी. इसके बाद सोमवार को जिला प्रशासन के अधिकारी के समक्ष वार्ता कर मुआवजा पर फैसला करने की बात हुई थी. लेकिन, बात नहीं हाे पायी.

बेटा- बहू के शव देख मां बार-बार हो जा रही थी बेहोश

नीलम देवी व उनके पति लाला विश्वकर्मा की जब शव यात्रा निकाली, तो परिवार के सभी लोग चीत्कार मार कर रो पड़े. परिजनों और उनके दोनों बच्चों का रोना देख सभी की आंखों में आंसू आ गाये. आसपास के लोग परिजनों को संभालने में जुटे थे. वहीं, बेटा- बहू के शव देखकर लाला विश्वकर्मा की मां बार-बार बेहोश हो रही थी. 12 साल की बेटी और 10 साल का बेटा मां-बाप के शव से लिपट कर रो रहे थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
AKHILESH KUMAR

लेखक के बारे में

By AKHILESH KUMAR

AKHILESH KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola