GDP को प्रभावित करने वाली जंग से संगठित जंग की जरूरत, बोले सीएसआइआर-एनएमएल के निदेशक डॉ संदीप घोष चौधरी

आइआइएम जमशेदपुर, टाटा स्टील, सीएसआइआर-एनएमएल और एनआइटी जमशेदपुर की ओर से आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन करते अतिथि. फोटो : प्रभात खबर
Jamshedpur News: सीएसआइआर-एनएमएल के निदेशक ड़ संदीप घोष चौधरी ने अर्थव्यवस्था को प्रभावित करने वाली जंग के खिलाफ संगठित जंग छेड़ने का आह्वान किया है.
Jamshedpur News: आइआइएम जमशेदपुर चैप्टर द्वारा टाटा स्टील लिमिटेड, सीएसआइआर-एनएमएल और एनआइटी जमशेदपुर के संयुक्त तत्वावधान में जंग और कोटिंग्स विषय पर दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन गुरुवार को गोलमुरी स्थित होटल में किया. उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि सीएसआइआर-एनएमएल के निदेशक डॉ संदीप घोष चौधरी ने कहा कि जंग के कारण घरेलू सकल उत्पाद का 2-3 प्रतिशत प्रभावित होता है. जंग एक बड़ी मुसीबत के रूप में सामने आ रही है, जिसे रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाने की जरूरत है. इसके लिए वैज्ञानिकों, इंजीनियरों व शिक्षाविदों को एक प्लेटफॉर्म पर आकर इसका हल निकालना होगा. जंग से संगठित जंग का ऐलान करना होगा. अन्यथा यह किसी भी दिन बड़ी दुर्घटना को आमंत्रण देगा, जिससे राष्ट्र को बड़ी हानि पहुंच सकती है.
34 संस्थानों के 100 से अधिक प्रतिनिधि हुए शामिल
जंग और कोटिंग्स विषय पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में विदेशों से भी प्रतिनिधियों ने हाइब्रिड मोड में जुड़े. सम्मेलन में 34 प्रतिष्ठित संस्थानों के 100 से अधिक प्रतिनिधियों और वक्ताओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज करायी, जिसमें आइआइटी खड़गपुर, आइआइटी कानपुर, आएएससी, बैंगलोर, आइआइसीटी, हैदराबाद, जिंदल स्टील एंड पावर, आरएमआइटी यूनिवर्सिटी, ऑस्ट्रेलिया, आइजेडए-नीदरलैंड, कॉमसोल-स्विट्जरलैंड, मेटेरियल्स डिजाइन, यूएसए के प्रतिनिधि शामिल रहे. इसके अलावा टाटा स्टील, इलेक्ट्रोथर्म, ग्रोवेल, निप्पॉन पार्क राइजिंग, क्वेकर, हेन्केल, कॉमसोल, जीटीजेड, शिमादजु, फ्लोचर, ग्रीमोवोक, बायोमाटीक्यू, प्रोक्वेस्ट, श्रोंडिंगर, वाटर्स, पारट, मोनोपोल, टाटा ब्लूस्कोप, आइआरटेक, एक्सपोसोम, लैबगार्ड, यूनिवर्सल पेंट्स के अलावा प्रमुख प्रायोजक के रूप में इस सम्मेलन का हिस्सा बनें. सम्मेलन का समापन शुक्रवार को होगा.
जंग को रोकने के लिए सभी का नजरिया एक सामान होना चाहिए
सीएसआइआर-एनएमएल के निदेशक डॉ संदीप घोष चौधरी ने कहा कि जंग को रोकने के लिए सभी का नजरिया एक सामान होना चाहिए. इनोवेशन से जुड़े सभी संगठन प्रमुखों को इसमें जोड़ा जाना चाहिए, जिससे एक मानक तय हो पाये, ताकि किसी भी बड़े खतरे का संकेत मिलते ही उसे टाला जा सके. भारत में निर्माण, उद्योग, ऑटोमोबाइल व खेती के क्षेत्र में व्यापक बदलाव देखने को मिल रहे हैं. इनके लिए भी सही तकनीक तैयार करने की जरूरत है, जो इनकी आधारभूत संरचना को मजबूत करेगी, इस दौरान यह भी देखना होगा कि खर्च का अतिरिक्त भार नहीं पड़े.
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सम्मेलन को इन्होंने भी किया संबोधित
दो दिवसीय सम्मेलन को विशिष्ट अतिथि एनटीपीसी के कार्यकारी निदेशक एके मनोहर, आइआइएम जमशेदपुर चैप्टर के अध्यक्ष डॉ अशोक कुमार, आइ-3सी 2025 के अध्यक्ष डॉ रघुवीर सिंह, संयोजक डॉ तपन राउत, सुधांशु पाठक, डॉ रामानुज नारायण, प्रवीण थंपी, अतुल श्रीवास्तव, डॉ एएन भगत, डॉ एस तरफदार ने भी संबोधित किया. सम्मेलन में चार पूर्ण व्याख्यान और 15 मुख्य व्याख्यान तथा 40 सहायक व्याख्यान भी शामिल रहे. 15 से अधिक पोस्टर्स साथ ही तकनीकी स्टॉल भी लगाये गये थे.
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By Mithilesh Jha
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