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Jamshedpur News : जूनियर डॉक्टरों ने ओपीडी सेवा की बाधित, मरीजों ने किया हंगामा

Updated at : 15 Oct 2024 9:34 PM (IST)
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Jamshedpur News : जूनियर डॉक्टरों ने ओपीडी सेवा की बाधित, मरीजों ने किया हंगामा

Jamshedpur News : एमजीएम अस्पताल में मंगलवार को जूनियर डॉक्टरों ने ओपीडी सेवा का बाधित करते हुए रजिस्ट्रेशन काउंटर को बंद करा दिया था. वे लोग कोलकाता में मेडिकल कॉलेज की जूनियर महिला डॉक्टर के साथ हुई गैंगरेप के बाद हत्या के विरोध

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सुबह आठ से 12 बजे तक बंद रहा रजिस्ट्रेशन काउंटर , कई मरीज बिना इलाज कराये लौटे

फोटो गोस्वामी

वरीय संवाददाता, जमशेदपुर.

एमजीएम अस्पताल में मंगलवार को जूनियर डॉक्टरों ने ओपीडी सेवा का बाधित करते हुए रजिस्ट्रेशन काउंटर को बंद करा दिया था. वे लोग कोलकाता में मेडिकल कॉलेज की जूनियर महिला डॉक्टर के साथ हुई गैंगरेप के बाद हत्या के विरोध में हो रहे धरना प्रदर्शन के समर्थन में सुबह छह से शाम छह बजे तक भूख हड़ताल करने के साथ धरना प्रदर्शन किया.

डॉक्टरों ने कहा कि दोषियों के खिलाफ अभी तक किसी प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं गयी. जिसके विरोध में हम लोगों द्वारा भूख हड़ताल के साथ धरना प्रदर्शन किया जा रहा है. इस दौरान डॉक्टरों के द्वारा ओपीडी बंद करा दिया गया था जिसके कारण इलाज कराने आने वाले मरीजों को काफी परेशानी हुई. काउंटर बंद कराने के बाद इलाज कराने आये मरीजों व उनके परिजनों के द्वारा हंगामा किया गया.

वहीं सुबह से 12 बजे के बीच लगभग 200 मरीज बिना इलाज कराये वापस चले गये. जबकि इमरजेंसी व ओपीडी मिलाकर 693 मरीजों का इलाज किया गया जिसमें सिर्फ इमरजेंसी में 212 मरीजों का इलाज हुआ. वहीं अस्पताल में इमरजेंसी विभाग के लिए बना काउंटर पर इमरजेंसी व जरनल दोनों के लिए पर्ची बनाया जा रहा था. इसके बाद भी भीड़ ज्यादा होने के कारण सभी मरीजों का इलाज नहीं हो पाया. वे लोग बिना इलाज कराये वापस चले गये. मरीजों की परेशानी को देखते हुए अस्पताल के अधीक्षक डॉ शिखा रानी ने पुलिस बुलाकर रजिस्ट्रेशन काउंटर खुलवाने की कोशिश की. इस दौरान जूनियर डॉक्टर व अधीक्षक के बीच बकझक भी हुई.

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12 बजे से शाम पांच बजे तक खुला रहा रजिस्ट्रेशन

सुबह से एक बजे तक अस्पताल के अधीक्षक डॉ शिखा रानी अस्पताल परिसर में बाहर में ही बैठी रही. इस दौरान इलाज कराये आने वाले मरीजों को हो रही परेशानी के देखते हुए उनकी पर्ची बनवाने के साथ संबंधित डॉक्टर को दिखवाने का काम कर रही थी. वहीं दोपहर 12 बजे पुलिस के माध्यम से अस्पताल के सेंट्रल रजिस्ट्रेशन काउंटर को खुलवाते हुए. लगातार शाम पांच बजे तक मरीजों का पर्ची बनाने का निर्देश कर्मचारियों को दिया. वहीं 12 बजे के बाद सीनियर डॉक्टर ओपीडी में बैठकर मरीजों का इलाज शुरू किया. इधर रजिस्ट्रेशन काउंटर में शाम पांच बजे तक लगातार पर्ची बनाया जा रहा था लेकिन डॉक्टरों ने दोपहर एक बजते ही ओपीडी बंद कर चले गये. जिससे मरीजों को पर्ची बनवाने के बाद भी तीन बजे का इंतजार करते रहे . तीन बजे जब डॉक्टर आये तो मरीजों ने उनको दिखाया . वहीं एमजीएम में जूनियर डॉक्टरों की चल रही हड़ताल के बाद भी चर्म रोग व बच्चा ओपीडी बिना रूकावट चलता रहा. वहां मरीजों को डॉक्टरों के द्वारा देखा जा रहा था.

एमजीएम मेडिकल कॉलेज में बने नये अस्पताल का भी ओपीडी रहा बंद

एमजीएम मेडिकल अस्पताल में जूनियर डॉक्टरों के द्वारा भूख हड़ताल करने के साथ धरना प्रदर्शन किया गया. जिसके कारण मेडिकल कॉलेज परिसर में बने नये अस्पताल का भी ओपीडी बंद था.

आइएमए अध्यक्ष व सचिव पहुंचे एमजीएम

एमजीएम अस्पताल में भूख हड़ताल व धरना प्रदर्शन कर रहे जूनियर डॉक्टरों के समर्थन में आइएमए के अध्यक्ष डॉ जीसी मांझी, सचिव डॉ सौरभ चौधरी पहुंचे थे. आइएमए एवं आइएमए जेडीएम ने नेशनल आइएमए के निर्देश पर हड़ताल किया जा रहा है. इस दौरान अस्पताल का ओपीडी बंद है. धरना प्रदर्शन कर रहे जूनियर डॉक्टरों से मिलकर इसकी जानकारी ली. सचिव डॉ सौरभ चौधरी ने कहा कि कोलकाता में जूनियर महिला डॉक्टर की हत्या के विरोध में कोलकाता में डॉक्टरों के द्वारा भूख हड़ताल किया जा रहा है. उसके सपोर्ट में यहां भी धरना प्रदर्शन किया जा रहा है.

नेशनल आइएमए के द्वारा सभी जगहों पर जूनियर डॉक्टरों को सुबह छह से शाम छह बजे तक भूख हड़ताल करने के लिए कहा गया है न कि ओपीडी बंद कराने के लिए कहा गया. यहां ओपीडी बंद कराया जा रहा है जो गलत है. मरीजों की परेशानी को देखते हुए सभी ओपीडी को खुलवाकर डॉक्टरों को बैठाया गया. जिससे मरीज इलाज करा सकें. डॉ शिखा रानी, अधीक्षक एमजीएम अस्पताल

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मेरा हाथ टूट गया है. सोमवार को दिखाये के लिए आये थे तो जांच कराकर मंगलवार को आने बोला गया. आज आयी तो यह कहते हुए वापस कर दिया गया कि डॉक्टरों की हड़ताल है. हम टूटा हुआ हाथ लेकर घूम रहे है. कोई देखने वाला नहीं है. टेपों से 200 रुपया भाड़ा देकर आयी अब वापस जा रही हूं. वहीं इसकी जानकारी मिलने पर अधीक्षक ने उसको डॉक्टरों को दिखायी लेकिन ऑपरेशन नहीं सका. महमुदा बेगम, पुरूलिया रोड मानगो

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मेरे सिर में काफी दर्द हो रहा है. आज सुबह इलाज कराने के लिए एमजीएम अस्पताल आयी. यहां आने पर पता चला कि डॉक्टरों की हड़ताल है जिसके कारण ओपीडी बंद है. हम लोगों का पर्ची तक नहीं बना. बिना इलाज कराये वापस जा रहे है. सावित्री देवी, बर्मामाइंस

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मेरे को सर्दी खांसी बुखार है. इसके साथ ही बदन में दर्द हो रहा है. आज सुबह इलाज कराने के लिए आया तो पता चला कि डॉक्टरों की हड़ताल है. जिसके कारण इलाज नहीं हो पाया. हम वापस जा रहे है. सुखदेव महतो, बहरागोड़ा

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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