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जमशेदपुर से लापता एयरक्राफ्ट के पायलट और इंस्ट्रक्टर के शव चांडिल डैम में मिले, नेवी कर रही विमान की तलाश

Updated at : 22 Aug 2024 11:08 PM (IST)
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navy in jamshedpur jharkhand

लापता विमान की तलाश के लिए झारखंड पहुंची इंडियन नेवी की टीम.

Jamshedpur News: जमशेदपुर के सोनारी एयरपोर्ट से उड़ान भरने के बाद लापता एयरक्राफ्ट के ट्रेनी पायलट और इंस्ट्रक्टर के शव मिल गए हैं. विमान का क्या हुआ?

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Jamshedpur News|जमशेदपुर/चांडिल (ब्रजेश सिंह/हिमांशु गोप) : जमशेदपुर से उड़ान भरने के बाद लापता हुए एयरक्राफ्ट के पायलट और इंस्ट्रक्टर के शव बरामद हो गए हैं. दोनों के शव सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल डैम से बरामद हुआ है. यह डैम जमशेदपुर के मानगो से सटा है. एयरक्राफ्ट, ट्रेनी पायलट और इंस्ट्रक्टर की तलाश के लिए पहले एनडीआरएफ को बुलाया गया था. एनडीआरएफ की टीम फेल हो गई, तो भारतीय नौसेना (नेवी) को बुलाया गया.

चांडिल की एसडीएम शुभ्रा रानी का बयान.

एनडीआरएफ की टीम हुई फेल, तो नेवी को बुलाया

नेवी की टीम गुरुवार (22 अगस्त) की सुबह रांची पहुंची. यहां से जमशेदपुर और फिर चांडिल डैम तक गई. नेवी की टीम लापता एयरक्राफ्ट की तलाश कर रही है. भारतीय नौसेना (इंडियन नेवी) की टीम के चांडिल डैम पहुंचने से पहले ही एयरक्राफ्ट के ट्रेनी पायलट का शव बरामद हो गया था. चांडिल की एसडीएम ने बताया कि सुबह चांडिल डैम में मछुआरों को एक शव मिला. उसके बैज से पता चला है कि वह ट्रेनी पायलट है. उसका नाम शुभ्रोदीप दत्त है. बाद में इंस्ट्रक्टर कैप्टन जीत शत्रु आनंद का भी शव मिल गया.

मछुआरों ने सुबह डैम में देखा एक शव

एसडीएम ने बताया कि जमशेदपुर से सटे चांडिल डैम में मछली पकड़ने के लिए निकले मछुआरे को एक व्यक्ति का शव डैम में मिला. यह ट्रेनी पायलट का शव है. दूसरी बॉडी अभी तक नहीं मिली है. लेकिन, दोपहर बाद इंस्ट्रक्टर कैप्टन जीत शत्रु आनंद का शव बरामद हो गया. हालांकि, एयरक्राफ्ट के बारे में अभी तक कोई जानकारी नहीं मिली है. नेवी की टीम भारतीय वायुसेना के विमान से झारखंड पहुंची और चांडिल डैम में सोनारी एयरपोर्ट से उड़ान भरने के बाद लापता विमान की तलाश में जुटी है.

मंगलवार को सुबह सोनारी एयरपोर्ट से विमान ने भरी थी उड़ान

मंगलवार को सुबह करीब साढ़े 11 बजे जमशेदपुर के सोनारी एयरपोर्ट से टेकऑफ करने के बाद से अलकेमिस्ट एविएशन का ट्रेनिंग विमान लापता हो गया. विमान में ट्रेनी पायलट और एक इंस्ट्रक्टर मौजूद थे. बुधवार को एनडीआरएफ की टीम ने दिन भर चांडिल डैम में विमान और उसमें सवार 2 लोगों की तलाश की, लेकिन उनको कोई सफलता नहीं मिली. इसके बाद नेवी की मदद लेने का फैसला हुआ.

सोनारी एयरपोर्ट कहां है?

सोनारी एयरपोर्ट झारखंड राज्य के पूर्वी सिंहभूम जिले के जिला मुख्यालय जमशेदपुर में स्थित है.

सोनारी एयरपोर्ट से उड़ान भरने के बाद लापता विमान का क्या हुआ?

सोनारी एयरपोर्ट से 20 अगस्त 2024 को उड़ान भरने के बाद लापता हुए विमान का तीसरे दिन भी पता नहीं चल पाया है. उसमें सवार 2 लोगों के शव बरामद हो गए हैं. इस विमान में ट्रेनी पायलट और एक इंस्ट्रक्टर सवार थे. दोनों की मौत हो गई. दोनों के शव चांडिल डैम से बरामद हुए हैं.

जमशेदपुर के लापता विमान का क्या हुआ?

जमशेदपुर के सोनारी एयरपोर्ट से उड़ान भरने के बाद लापता हुए एयरक्राफ्ट का अब तक कोई अता-पता नहीं चला है. एनडीआरएफ की टीम फेल हो गई, तो नेवी की टीम को बुलाया गया. नेवी की टीम का ऑपरेशन जारी है.

चांडिल डैम कहां है?

चांडिल डैम जमशेदपुर से सटे मानगो को पास है. लेकिन, यह सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल में आता है.

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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