ePaper

Jharkhand news. लोकतंत्र के लिए घातक है किसी संगठन का आवाज नहीं उठाना : सरयू राय

Updated at : 30 Nov 2024 8:16 PM (IST)
विज्ञापन
Jharkhand news. लोकतंत्र के लिए घातक है किसी संगठन का आवाज नहीं उठाना : सरयू राय

जमशेदपुर सिटीजन फोरम ने किया सरयू राय का अभिनंदन

विज्ञापन

Jharkhand news.

सामाजिक मुद्दों को बहुत कायदे से उठाने की जरूरत है. अफसोस है कि अब सामाजिक मुद्दों को उठाने वालों की संख्या बेहद कम हो गयी है. जमशेदपुर जैसे शहर में अगर कोई जाम के खिलाफ आवाज उठाता है, तो उसे पुलिस नोटिस दे देती है, एफआइआर कर देती है. उस आदमी के लिए सामाजिक संगठनों को आवाज उठानी चाहिए. दुर्भाग्य है कि ऐसे सामाजिक संगठनों की अब कमी हो गयी दिखती है. अब कोई किसी के लिए आवाज नहीं उठाता. यह लोकतंत्र के बेहद घातक है. जमशेदपुर में ऐसा ही दिख रहा है. मुद्दों को ठीक से उठाने की प्रवृति धीरे-धीरे कम हो रही है. यह जनता और जनप्रतिनिधि दोनों के लिए ठीक नहीं है. उक्त बातें जमशेदपुर पश्चिमी के नवनिर्वाचित विधायक सरयू राय ने कही. वे बिष्टुपुर स्थित श्रीकृष्ण सिन्हा संस्थान में जमशेदपुर सिटीजन फोरम की ओर से आयोजित अभिनंदन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे. सरयू राय ने कहा कि शहर के मानगो पुल पर लगने वाले जाम को लेकर प्रशासन बहुत गंभीर नहीं है. एक मीटिंग तो अभी प्रशासनिक अधिकारियों ने की है, लेकिन उसका कोई बहुत प्रभाव नहीं दिख रहा है. दरअसल समस्या की जड़ में मानगो पुल नहीं, टिमकेन चौराहा है.

चांडिल डैम से पानी उठाएं और डिमना में डालें : सरयू

सरयू राय ने कहा कि पानी को लेकर मारामारी होते रहती है. वह कब से कह रहे हैं कि चांडिल डैम से पानी उठाएं और डिमना में डालें. फिर डिमना से पूरे शहर को सप्लाई करें. मुसाबनी तक पानी चला जायेगा. पूरे शहर में पानी की दिक्कत नहीं होगी. प्यूरीफिकेशन भी पूरा होगा. खर्चा भी नहीं बढ़ेगा. पानी साफ हो जायेगा. सतनाला डैम, डोबो डैम से सीधे पानी जाये तो कांड्रा और मुसाबनी तक पानी चला जायेगा. अगले 100 साल तक किसी को पानी की दिक्कत नहीं होगी. बेहतर योजना बनाने की जरूरत है. उन्होंने यह भी कहा कि दामोदर नदी का 95 प्रतिशत शुद्धीकरण हो चुका है. सुवर्णरेखा का प्रदूषण दूर करने के लिए पांच स्थानों का चयन किया गया है.

अब अपराधी लड़ते हैं चुनाव

सरयू राय ने कहा कि पहले की राजनीति में आपराधिक तत्व नहीं थे. जो होते भी थे, वह भले मानस की तरह सियासी दलों से जुड़ते थे. अब तो सीधे अपराधी चुनाव लड़ रहे हैं. 70 के बाद से राजनीति का अपराधीकरण होने लगा, जो आज तक बदस्तूर जारी है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
Prabhat Khabar News Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola