झारखंड में 40 प्रोपलीन भरे गैस टैंकर में रिसाव से अफरा-तफरी, NH पर लगा 10 किलोमीटर लंबा जाम

टैंगर से गैस लीक होने के बाद एनएच-49 पर लगा लंबा जाम. फोटो : प्रभात खबर
Gas Leak on NH-49 East Singhbhum Jharkhand: टैंकर चालक सचिन सिंह ने बताया कि वह टैंकर में 40 हजार केएल प्रोपलीन गैस लेकर वे मथुरा से पारादीप जा रहे थे. कालियाडिंगा ओवरब्रिज के समीप टर्निंग लेने के दौरान वाहन का पिछला हिस्सा पिलर से टकरा गया. कुछ दूर जाने के बाद उन्हें जानकारी मिली की गैस का रिसाव हो रहा है. आधा किलोमीटर आगे बढ़ने के बाद टैंकर को बेला-गम्हरिया के बीच एनएच के खाली स्थान पर खड़ा कर दिया.
Gas Leak on NH-49 Jharkhand: पूर्वी सिंहभूम जिले के बहरागोड़ा थाना क्षेत्र के बेला‑गम्हरिया के बीच एनएच-49 पर मंगलवार को अफरा-तफरी मच गयी, जब जिला प्रशासन को खबर मिली की 40 हजार केएल प्रोपलीन गैस से भरे टैंकर में रिसाव हो गया है. प्रोपलीन गैस से भरा टैंकर जब एनएच 49 स्थित कालियाडिंगा अंडरपास पार कर रहा था, तो टैंकर का एक हिस्सा पिलर से टकरा गया, जिसके कारण वाहन की टंकी में छेद हो गया. इससे गैस का रिसाव शुरू हो गया. घटना की जानकारी मिलते ही घाटशिला के एसडीएम सुनीलचंद व एसडीपीओ अजीत कुजूर समेत पुलिस पदाधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे. स्थिति की गंभीरता देखते हुए उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी के निर्देश पर क्षेत्र में निषेधाज्ञा लागू कर दी.
बालासोर से मंगाया गया दूसरा टैंकर
इसके बाद टैंकर से आधा किलोमीटर की दूरी पर दोनों तरफ मार्ग को बंद कर दिया गया. एनएच पर दोनों ओर से यातायात पूरी तरह बंद कर दिये जाने से 10‑10 किमी तक वाहनों की कतार लग गयी. प्रशासन ने आसपास के गांवों के लोगों से ज्वलनशील पदार्थ का प्रयोग न करने और घरों में रहने की अपील की है. बालासोर से टैंकर को मंगाया गया, जिसमें लीक वाले टैंकर से गैस को भरने का काम शुरू किया.
गैस को नियंत्रित करने में लगी है एक्सपर्ट्स की टीम
जाम के कारण बालासोर की तरफ से आ रहे टैंकर को भी काफी मशक्कत के बाद यहां पहुंचना पड़ा. हालात की गंभीरता को देखते हुए ओडिशा व बिहार के पटना से एनडीआरएफ की टीम को घटनास्थल पर पहुंचने का निर्देश दिया. ओडिशा की टीम देर शाम वहां पहुंची. देर रात तक विशेषज्ञ टीम गैस को नियंत्रित करने में जुटी है, लेकिन खबर लिखे जाने तक सफलता नहीं मिली है.

- बहरागोड़ा एनएच पर बेला-गम्हरिया के बीच प्रोपलीन भरे गैस टैंकर में छेद से रिसाव
- अफरा-तफरी के बाद प्रशासन ने लागू की निषेधाज्ञा
- लियाडिंगा अंडरपास के पिलर से टैंकर का पिछला हिस्सा टकराया
- बेला-गम्हरिया से दोनों तरफ आधा किलोमीटर रोका गया वाहनों का परिचालन
- प्रशासन ने ग्रामीणों को किया अलर्ट, ज्वलनशील पदार्थ का इस्तेमाल नहीं करने की अपील
- खाली टैंकर मंगाया गया, एनडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची
मथुरा से पारादीप जा रहा था प्रोपलीन गैस से भरा टैंकर
टैंकर चालक सचिन सिंह ने बताया कि वह टैंकर में 40 हजार केएल प्रोपलीन गैस लेकर वे मथुरा से पारादीप जा रहे थे. कालियाडिंगा ओवरब्रिज के समीप टर्निंग लेने के दौरान वाहन का पिछला हिस्सा पिलर से टकरा गया. कुछ दूर जाने के बाद उन्हें जानकारी मिली की गैस का रिसाव हो रहा है. आधा किलोमीटर आगे बढ़ने के बाद टैंकर को बेला-गम्हरिया के बीच एनएच के खाली स्थान पर खड़ा कर दिया.
झारखंड की ताजा खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
बालेश्वर, जमशेदपुर व खड़गपुर से पहुंची टीम
सूचना पाकर बालेश्वर, जमशेदपुर व खड़गपुर से विशेषज्ञों की टीम प्रोपलीन गैस रिसाव को रोकने के लिए घटनास्थल पहुंची. साथ में बहरागोड़ा अग्निसेवा शमन के वाहन घटनास्थल पर डटे हैं. लगभग तीन घंटे से गैस रिसाव रोकने की मशक्कत की जा रही है, लेकिन गैस का रिसाव को नियंत्रण नहीं किया जा सका है. देर शाम तक टीम घटनास्थल पर डटी रही.
ये अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे
घटना की सूचना पर घाटशिला के एसडीएम सुनील चंद, एसडीपीओ अजीत कुजूर, बीडीओ केशव भारती, सीओ राजाराम सिंह मुंडा, पुलिस निरीक्षक अनिल कुमार, बहरागोड़ा थाना प्रभारी शंकर प्रसाद कुशवाहा, बरसोल थाना प्रभारी चंदन कुमार, श्यामसुंदरपुर थाना प्रभारी सुनील कुमार भक्ता, जेइ अभिजीत बेरा डटे हैं.
इसे भी पढ़ें : Kal Ka Mausam: 2 जुलाई को समूचे झारखंड में होगी बारिश, इन 4 जिलों के लिए भारी वर्षा की चेतावनी
रंगहीन, ज्वलनशील गैस है प्रोपलीन
प्रोपलीन एक रंगहीन, ज्वलनशील गैस है, जिसका रासायनिक सूत्र सी3एच6 है. यह एक महत्वपूर्ण पेट्रोकेमिकल है, जो विभिन्न प्रकार के उत्पादों, जैसे प्लास्टिक, फाइबर, और रबर के उत्पादन में उपयोग होता है. इसे प्रोपीन या मेथिल एथिलीन भी कहा जाता है. प्रोपलीन गैस अत्यधिक ज्वलनशील होती है और आग लगने या विस्फोट होने का खतरा होता है. यह एक रंगहीन गैस है, जिसमें हल्की गंध होती है और इसे तरल के रूप में भी संग्रहित किया जा सकता है. प्रोपलीन गैस ऑक्सीजन को विस्थापित करके दम घुटने का कारण बन सकती है और त्वचा के संपर्क में आने पर जलन या शीतदंश हो सकता है.
इसे भी पढ़ें
साहिबगंज में अवैध खनन करने वालों से बोरियो के उप-प्रमुख को जान का खतरा, पीएम को लिखी चिट्ठी
हूल दिवस से पहले आदिवासियों पर ‘पुलिस कार्रवाई’ के खिलाफ जिला मुख्यालयों पर भाजपा का प्रदर्शन
शिबू सोरेन के जल्द स्वस्थ होने की कामना, रजरप्पा मंदिर में झामुमो ने किया हवन-यज्ञ
Jharkhand Crime News: देशी राइफल के साथ अपराधी गिरफ्तार, टीएसपीसी उग्रवादी समेत 3 फरार
प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी
लेखक के बारे में
By Mithilesh Jha
मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




