Jamshedpur News : बिष्टुपुर गोपाल मैदान में प्रथम पूर्वी सिंहभूम साहित्य उत्सव 9 से 11 जनवरी तक
Author :RAJESH SINGH
Published by :RAJESH SINGH
Updated at :03 Jan 2026 12:52 AM
विज्ञापन

जमशेदपुर (फाइल फोटो)
Jamshedpur News : पूर्वी सिंहभूम जिला प्रशासन द्वारा प्रथम साहित्य उत्सव का आयोजन 9 से 11 जनवरी तक बिष्टुपुर गोपाल मैदान में किया जा रहा है.
विज्ञापन
Jamshedpur News :
पूर्वी सिंहभूम जिला प्रशासन द्वारा प्रथम साहित्य उत्सव का आयोजन 9 से 11 जनवरी तक बिष्टुपुर गोपाल मैदान में किया जा रहा है. यह उत्सव साहित्य, कला, संस्कृति और जनजातीय विरासत के संरक्षण व प्रसार की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है. तीन दिवसीय आयोजन में देश के प्रतिष्ठित साहित्यकार, कवि, लेखक, इतिहासकार, विचारक एवं सांस्कृतिक कर्मी भाग लेंगे. इसमें पद्मश्री डॉ. जानुम सिंह सोय, पद्मश्री हलधर नाग, पद्मश्री डॉ पुष्पेश पंत, डॉ नारायण उरांव, डॉ अनुज लुगुन, डॉ पार्वती तिर्की, डॉ अशोक कुमार सेन, डॉ प्रज्ञा शर्मा, डॉ हिमांशु बाजपेयी, डॉ सुरिंदर सिंह जोधका, डॉ नेहा तिवारी, जेरी पिंटो, नीलोत्पल मृणाल, चंद्रहास चौधरी, महादेव टोप्पो, संजय कच्छप, निरंजन कुजूर, रणेंद्र कुमार, रजा काजमी, बिक्रम ग्रेवाल, अक्षय बहिबाला, राहुल पंडिता, सौरव रॉय, प्रेमचंद उरांव, रविंद्र नाथ मुर्मू, यदुवंश प्रणय, अनुकृति उपाध्याय, जोबा मुर्मू, शताब्दी मिश्रा समेत अन्य साहित्यकार शामिल होंगे. उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने आयोजन के संबंध में कहा कि इस साहित्य उत्सव का उद्देश्य साहित्य को जन-जन तक पहुंचाना, युवा रचनाकारों को मंच प्रदान करना तथा पूर्वी सिंहभूम को साहित्यिक मानचित्र पर एक विशिष्ट पहचान दिलाना है. जिला प्रशासन ने जिले के सभी साहित्यप्रेमियों, विद्यार्थियों एवं आमजनों से इस साहित्य उत्सव में शामिल होने की अपील की है.लाइव प्रोग्राम भी होंगे आकर्षण के केंद्र
साहित्यिक सत्रों के साथ-साथ दर्शकों के लिए लाइव ग्लिटर आर्ट, लाइव पेंटिंग, लाइव पॉटरी, लाइव बैंड परफॉर्मेंस, जनजातीय नृत्य द्वारा पारंपरिक स्वागत, नाट्य प्रस्तुति “लोहे का आदमी और लोहारिन”, स्थानीय छऊ नृत्य, जनजातीय खेलों की प्रस्तुति एवं पुस्तक-कहानी स्टॉल भी आकर्षण के केंद्र होंगे.साहित्य उत्सव: एक नजर में
प्रथम दिन
तीन दिवसीय साहित्यिक-सांस्कृतिक आयोजन का शुभारंभ 9 जनवरी को उद्घाटन समारोह के साथ होगा. प्रथम दिन झारखंड की आदिवासी भाषा-साहित्य की विश्व दृष्टि, आदिवासी इतिहास, पालीएटिव केयर पर जेरी पिंटो की नई पुस्तक, “होड़ रोड़” की कहानी, मिट्टी की भाषा और रानी लक्ष्मीबाई की दास्तान जैसे महत्वपूर्ण सत्र आयोजित होंगे.दूसरा दिन
दूसरे दिन 10 जनवरी को पुस्तकालय से जन आंदोलन, कुड़ुख भाषा-साहित्य, इतिहास का स्वाद, लोकस्वर की जीवंत परंपरा, समकालीन भारत में जाति-वर्ग-गांव तथा नीलोत्पल मृणाल के साहित्यिक संसार पर चर्चाएं होंगी.
तीसरा दिन
तीसरे दिन 11 जनवरी को द्विभाषिक रचनात्मकता, महाश्वेता देवी की आदिवासी रचनाओं का स्मरण, जंगल और समाज, युवाओं से संवाद, सिनेमा व अदृश्य कहानियों पर केंद्रित सत्र आयोजित किये जायेंगे.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन










