डॉ. सक्षम की मौत पर पिता के गंभीर सवाल, यहां जानें किन दो डॉक्टरों के नार्को टेस्ट की मांग की

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जमशेदपुर (फाइल फोटो)

जमशेदपुर के डॉ. सक्षम मौत मामले में परिजनों ने पुलिस जांच पर नाराजगी जताई है और डॉ. यश व डॉ. सचिन के नार्को टेस्ट व सीबीआई जांच की मांग की है.

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जमशेदपुर : एमजीएम अस्पताल के जूनियर चिकित्सक डॉ. सक्षम कुमार की मौत होने के मामले ने एक बार फिर नया मोड़ ले लिया है. मंगलवार को डॉ. सक्षम के पिता सत्येंद्र सिंह और उनकी दोनों बेटियों ने उपायुक्त राजीव रंजन और ग्रामीण एसपी से मुलाकात कर मामले की सीबीआई जांच की मांग की. परिवार ने एमजीएम के जूनियर चिकित्सक डॉ. यश कुमार और डॉ. सचिन कुमार के नार्को टेस्ट की भी मांग उठायी है.

क्या है परिजनों का आरोप

परिजनों का आरोप है कि पुलिस की जांच की रफ्तार धीमी है. अब तक कई ऐसे सवाल हैं, जिनका जवाब नहीं मिला है. पिता सत्येंद्र सिंह ने आशंका जतायी कि उनके बेटे की हत्या कर साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से उसे जलाशय में फेंका गया हो सकता है. उन्होंने दावा किया कि घटना में डॉ. यश कुमार और डॉ. सचिन कुमार के अलावा अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं.

एक रात, दो डॉक्टर और कई सवाल... आखिर क्या हुआ था?

सत्येंद्र सिंह के अनुसार, 24 जुलाई की रात डॉ. यश कुमार और डॉ. सचिन कुमार उनके बेटे के कमरे में पहुंचे थे. उनका आरोप है कि दोनों साजिश के तहत डॉ. सक्षम को बहला-फुसलाकर डिमना लेक ले गये. यहां पहले से उनके कुछ साथी मौजूद थे. परिजनों ने घटना के बाद सामने आये बयानों को लेकर भी सवाल उठाये हैं. उनका कहना है कि वारदात की सुबह डॉ. यश कुमार ने पहले बताया कि डॉ. सक्षम का मोबाइल पानी में गिर गया था, जबकि बाद में पैर फिसलने की बात कही गयी. परिवार का सवाल है कि आखिर घटना की वास्तविक परिस्थितियां क्या थीं?

दावा - डॉ यश ने जलाशय से डॉ सचिन को किया फोन

सत्येंद्र सिंह का दावा है कि रात में डॉ. यश कुमार ने जलाशय से ही मोबाइल के जरिये डॉ. सचिन कुमार को फोन किया था. उनका कहना है कि इसके बावजूद डॉ. सचिन घटनास्थल पर जाते समय अस्पताल या हॉस्टल के किसी साथी को साथ लेकर नहीं गये. परिवार इन्हीं घटनाक्रमों को संदिग्ध मानते हुए पूरे मामले की गहराई से जांच की मांग कर रहा है.

कार की भी जांच नहीं हुई, पिता ने उठाया सवाल

डॉ. सक्षम के पिता ने पुलिस की जांच पर सवाल उठाते हुए कहा - घटना में इस्तेमाल हुई कार की भी अब तक उचित जांच नहीं की गयी है. उन्होंने कहा कि घटना के बाद से डॉ. यश कुमार और डॉ. सचिन कुमार सामान्य रूप से रह रहे हैं, जबकि उनके बेटे के साथ आखिर क्या हुआ, इसका स्पष्ट जवाब अब तक नहीं मिला है. सत्येंद्र सिंह ने कहा कि पुलिस को हर पहलू की बारीकी से जांच करनी चाहिए. परिवार की मांग है कि मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच हो तथा सच्चाई सामने लाने के लिए सीबीआई जांच के साथ दोनों डॉक्टरों का नार्को टेस्ट कराया जाए. अब इस मामले में पुलिस की जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है और परिवार द्वारा उठाये गये सवालों का क्या जवाब सामने आता है, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं.


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Shyam Narayan Jha

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