जमशेदपुर में बढ़ा ‘डेंगू का डंक’, प्लेटलेट्स की मांग छह गुनी बढ़ी

Updated at : 09 Sep 2023 1:59 PM (IST)
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जमशेदपुर में बढ़ा ‘डेंगू का डंक’, प्लेटलेट्स की मांग छह गुनी बढ़ी

हालात चिंताजनक हैं. अस्पतालों पर दबाव बढ़ता जा रहा है. प्लेटलेट्स की मांग छह गुना बढ़ गयी है. हालात का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि एक अगस्त से सात सितंबर के बीच धातकीडीह स्थित जमशेदपुर ब्लड बैंक से 4,835 यूनिट प्लेटलेट्स दिये गये हैं.

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जमशेदपुर, ब्रजेश सिंह/चंद्रशेखर : शहर में डेंगू का डंक तेजी से फैल रहा है. बीमारों की संख्या लगातार बढ़ रही है. अस्पतालों में रोजाना तकरीबन 300-400 मरीज जांच के लिए पहुंच रहे हैं. जबकि औसतन प्रतिदिन 6 मरीज पॉजिटिव मिल रहे हैं. हालात चिंताजनक हैं. अस्पतालों पर दबाव बढ़ता जा रहा है. प्लेटलेट्स की मांग छह गुना बढ़ गयी है. हालात का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि एक अगस्त से सात सितंबर के बीच धातकीडीह स्थित जमशेदपुर ब्लड बैंक से 4,835 यूनिट प्लेटलेट्स दिये गये हैं. अगस्त से पहले तक हर माह करीब 600 से 650 लोगों को प्लेपहले रोजाना 50 से 60 यूनिट की मांग होती थी. अभी रोजाना 250 से 270 यूनिट की डिमांड है. ये आंकड़े चौंकाने वाले हैं, क्योंकि प्लेटलेट्स पहले से बने हुए नहीं रहते हैं, इस कारण डोनर को साथ लाना पड़ता है. ऐसा पहली बार हुआ है कि डिमांड लगभग छह गुना बढ़ गयी है. इतना ही नहीं एक दिन में सात मरीजों को एसडीपी यानी सिंगल डोनर प्लेटलेट्स ट्रांसप्लांट भी हुआ है. जिले में अब तक डेंगू के 591 मरीज मिल चुके हैं, जिसमें से कई मरीजों को प्लेटलेट्स चढ़ाया गया है.

क्या है प्लेटलेट्स

एक स्वस्थ व्यक्ति के शरीर में 5 से 6 लीटर खून होता है, जो मुख्यत: तरल पदार्थ, लाल और सफेद रक्त कोशिकाओं के अलावा कई अन्य तत्वों से मिलकर बना होता है, जिनमें प्लेटलेट्स भी शामिल हैं. रेड ब्लड सेल्स पूरे शरीर में ऑक्सीजन को एक से दूसरी जगह ले जाने का काम करती हैं. इससे ही हमारे शरीर को एनर्जी मिलती है. सफेद रक्त कोशिकाएं हमें इन्फेक्शन से लड़ने की ताकत देती हैं. आमतौर पर एक स्वस्थ व्यक्ति के एक वर्ग मिलीलीटर रक्त में प्लेटलेट्स की संख्या डेढ़ से चार लाख तक होती है.

संख्या घटकर 1.40 लाख होने पर प्लेटलेट्स चढ़ायें

जब ब्लड में प्लेटलेट्स की संख्या कम हो जाती है, तो उस स्थिति को मेडिकल साइंस की भाषा में थ्रोबोसाइटोपेनिया कहते हैं. अगर प्लेटलेट्स की संख्या घटकर 1.40 लाख हो जाए, तो मरीज को अलग से प्लेटलेट्स चढ़ाने की जरूरत होती है. ऐसे में ब्लीडिंग की आशंका बढ़ जाती है. बहते-बहते यह खून नाक या त्वचा से बाहर आने लगता है.

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डेंगू के 108 संदिग्ध मरीज मिले

जिले में शुक्रवार को डेंगू के 108 संदिग्ध मरीजों की पहचान की गयी. इसमें 48 चाकुलिया के हैं. चार मरीजों के डेंगू पॉजिटिव होने की पुष्टि हुई है. सभी का इलाज अस्पतालों में चल रहा है. संदिग्धों का नमूना जांच के लिए भेजा गया है.

जमशेदपुर में डेंगू के मरीजों का इलाज चल रहा है. जिनको जरूरत पड़ रही है, उनको प्लेटलेट्स उपलब्ध कराया जा रहा है. चूंकि, स्टोरेज इसका नहीं हो सकता है, इस वजह से डोनरों को प्रोत्साहित किया जा रहा है. सबको प्लेटलेट्स भी नहीं चढ़ाना है.

-डॉ जुझार मांझी, सिविल सर्जन

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