Jamshedpur News : घटते लिंगानुपात पर डीसी गंभीर, बोले- बेटियों को बचाने के लिए किसी भी हद तक जायेगा प्रशासन

Published by :RAJESH SINGH
Published at :26 Apr 2026 1:55 AM (IST)
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Jamshedpur News : घटते लिंगानुपात पर डीसी गंभीर, बोले- बेटियों को बचाने के लिए किसी भी हद तक जायेगा प्रशासन

Jamshedpur News : जिले में गिरते लिंगानुपात और स्वास्थ्य सेवाओं की सुस्त रफ्तार पर डीसी राजीव रंजन ने कड़ा रुख अपनाया है.

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पटमदा और घाटशिला में सबसे कम लिंगानुपात, अवैध अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर होगी छापेमारी

जिले की सभी 231 पंचायतों में तैनात होंगे एक-एक ममता वाहन

अवैध नर्सिंग होम और झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ चलेगा सघन जांच अभियान

डेंगू की रोकथाम के लिए नेशनल वेक्टर बॉर्न डिजीज कंट्रोल प्रोग्राम के तहत निगरानी बढ़ाने का निर्देश

Jamshedpur News :

जिले में गिरते लिंगानुपात और स्वास्थ्य सेवाओं की सुस्त रफ्तार पर डीसी राजीव रंजन ने कड़ा रुख अपनाया है. शनिवार को समाहरणालय सभागार में आयोजित मासिक स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक में डीसी ने दो टूक कहा कि बेटियों को बचाने के लिए प्रशासन किसी भी हद तक जायेगा. समीक्षा के दौरान डीसी ने लिंगानुपात के आंकड़ों पर गहरी नाराजगी जतायी. दो प्रखंडों पटमदा में 877 और घाटशिला में 877 लिंगानुपात पाया गया, जो जिले में सबसे कम है. डीसी ने प्रसव पूर्व लिंग जांच की आशंका जताते हुए सिविल सर्जन को निर्देश दिया कि इन क्षेत्रों में सक्रिय अवैध नर्सिंग होम, अल्ट्रासाउंड सेंटर और झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ तत्काल कठोर कानूनी कार्रवाई करें. बैठक में डीसी ने जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए कई दिशा-निर्देश दिये. उन्होंने जिले की सभी 231 पंचायतों में अनिवार्य रूप से एक-एक ममता वाहन की उपलब्धता सुनिश्चित करने का आदेश दिया. उन्होंने कहा कि गर्भवती महिलाओं को अस्पताल लाने और घर छोड़ने में कोई कोताही बर्दाश्त नहीं की जायेगी. बैठक में मुख्य रूप से सिविल सर्जन डॉ. साहिर पाल, डॉ. जोगेश्वर प्रसाद, डॉ. रंजीत पांडा, डॉ. ए मित्रा, डॉ. मृत्युंजय धावड़िया सहित सभी एमओआइसी और स्वास्थ्य विभाग के कर्मी मौजूद थे.

घर में होने वाले प्रसव पर जतायी चिंता

डीसी ने धालभूमगढ़ में 13, डुमरिया में 16, मुसाबनी में 12 और पटमदा में 20 प्रसव घर पर होने के मामले पर चिंता व्यक्त की. उन्होंने कहा कि संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के लिए ममता वाहनों का नेटवर्क मजबूत करना होगा. वर्तमान में निजी वाहनों और 108 एंबुलेंस की समस्याओं को देखते हुए अब हर पंचायत स्तर पर वाहन की टैगिंग की जायेगी. डीसी ने निर्देश दिया कि जिले की सभी 231 पंचायतों में अब कम से कम एक-एक ममता वाहन की उपलब्धता सुनिश्चित की जाये. इसका उद्देश्य सुदूर ग्रामीण इलाकों में होम डिलीवरी (घर पर प्रसव) के मामलों को शून्य पर लाना है. सरकार ने जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम के तहत ममता वाहनों का किराया तय किया है. अस्पताल जाने के लिए प्रथम 6 किमी के लिए 500 रुपये, उसके बाद 13 रुपये प्रति किमी है. अस्पताल से वापसी में 13 रुपये प्रति किलोमीटर की दर से भुगतान होता है.

मलेरिया मुक्त जिले का संकल्प

बैठक में विश्व मलेरिया दिवस पर चर्चा करते हुए डीसी ने बताया कि 2025 में 10,952 मरीजों के इलाज के बावजूद एक भी मौत नहीं हुई. इसे बड़ी उपलब्धि बताते हुए उन्होंने वर्ष 2026 में भी जीरो डेथ के लक्ष्य रखते हुए जांच का दायरा बढ़ाने और प्रभावित क्षेत्रों में फॉगिंग कराने का निर्देश दिया. इसके अलावे मिर्गी रोगियों की पहचान के लिए नियमित कैंप लगाने और व्यापक प्रचार-प्रसार करने का निर्देश दिया. साथ ही टीकाकरण के शत-प्रतिशत लक्ष्य को हासिल करने के लिए घर-घर जाकर सत्यापन करने की बात कही. कुष्ठ उन्मूलन को लेकर इस महीने से शुरू हो रहे पीओडी (प्रिवेंशन ऑफ डिसेबिलिटी) कैंप के माध्यम से दिव्यांगता रोकने पर जोर दिया गया.

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