Jamshedpur News :
झारखंड राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष हाजी हिदायतुल्ला खान ने कहा कि यह वक्फ बोर्ड संशोधन बिल मुसलमानों के धार्मिक और संवैधानिक अधिकारों के लिए खतरा है. उनका मानना है कि वक्फ संपत्तियां सरकारी संपत्ति नहीं, बल्कि धार्मिक ट्रस्ट की हैं. यह बिल वक्फ की स्वायत्तता को छीनने वाला है. श्री खान ने कहा कि यह विधेयक 1995 के मौजूदा वक्फ एक्ट में ऐसे बदलाव करता है, जिससे सरकार को वक्फ संपत्तियों के मैनेजमेंट में दखल देने का अधिकार मिल जाता है. उन्होंने कहा कि कलेक्टर को वक्फ की संपत्ति का सर्वेक्षण करने और उसे संपत्ति का निर्धारण करने का अधिकार देना पूरी तरह अधिकारों का हनन है, क्योंकि वक्फ की संपत्ति मुसलमानों द्वारा कल्याण कार्यों के लिए दान से वक्फ बोर्ड के अधीन होती है. उन्होंने वक्फ बोर्ड में गैर मुस्लिम को सदस्य बनाये जाने का भी कड़ा विरोध करते हुए कहा है कि क्या हिंदू न्यास बोर्ड में किसी मुस्लिम को प्रतिनिधित्व दिया जा सकता है, उन्होंने कहा कि यह सीधे-सीधे संविधान पर हमला है और देश के धर्म निरपेक्ष्य छवि को धूमिल करने का षड्यंत्र है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

