Jamshedpur news. पारंपरिक खेती छोड़ स्ट्रॉबेरी के उत्पादन से बैजू हेंब्रम की बदली किस्मत

Updated at : 01 Feb 2025 7:15 PM (IST)
विज्ञापन
Jamshedpur news. पारंपरिक खेती छोड़ स्ट्रॉबेरी के उत्पादन से बैजू हेंब्रम की बदली किस्मत

सालाना लाखों की कर रहे आमदनी, बने प्रेरणास्रोत

विज्ञापन

Jamshedpur news.

पूर्वी सिंहभूम जिले के धालभूमगढ़ प्रखंड अंतर्गत मौदाशोली पंचायत के चुरुगोड़ा गांव में रहने वाले बैजू हेम्ब्रम एक युवा प्रगतिशील किसान हैं. वह अपनी चार एकड़ रैयती भूमि पर मेहनत और उद्यान विकास विभाग के सहयोग से बागवानी की दिशा में पहचान बना ली है. पारंपरिक फसलों से शुरू होकर बैजू ने ऑर्गेनिक खेती और उच्च मूल्य वाली फसलों में कदम रखते हुए अपनी आय को न केवल बढ़ाया, बल्कि क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए प्रेरणास्रोत बने. बैजू हेम्ब्रम ने अपनी खेतों में शिमला मिर्च, बैंगन, टमाटर, भिंडी, करेला और खीरा जैसी फसलों की खेती की शुरूआत की. उनकी मेहनत और फसलों की गुणवत्ता ने उन्हें अच्छे परिणाम दिये. इसके बाद वर्ष 2021-22 में उन्होंने उद्यान विकास योजना के तहत जिला उद्यान पदाधिकारी के मार्गदर्शन और अनुदान सहायता से शेड नेट का उपयोग कर ऑर्गेनिक विधि से स्ट्रॉबेरी की खेती शुरू की. स्ट्रॉबेरी जैसी उच्च मूल्य की फसल ने उनकी आय में नयी संभावनाओं को जन्म दिया.

प्रशिक्षणों में भाग ले खेती की आधुनिक तकनीकों को अपनाया

बैजू ने उद्यान विकास योजना के तहत विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भाग लिया और खेती की आधुनिक तकनीकों को अपनाया. उन्होंने ऑर्गेनिक विधियों और संरक्षित खेती (शेड नेट) के उपयोग से न केवल अपनी उपज में सुधार किया, बल्कि पर्यावरण अनुकूल खेती का भी उदाहरण प्रस्तुत किया. बैजू का खेती में मेहनत और लगन का परिणाम वर्ष 2024-25 में देखने को मिला, जब उन्होंने कृषि पशुपालन एवं सहकारिता विभाग द्वारा कृषि विज्ञान केंद्र, दारिसाई किसान मेला में अपने खेत में उगे स्ट्रॉबेरी के उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रथम पुरस्कार प्राप्त किया. यह पुरस्कार उनकी मेहनत और काबिलियत का प्रमाण है.

2-3 लाख रुपये का शुद्ध मुनाफा कमा रहे

स्ट्रॉबेरी की खेती और अन्य बागवानी फसलों से बैजू हेंब्रम सालाना 2-3 लाख रुपये का शुद्ध मुनाफा कमा रहे हैं. उन्होंने इस आय का उपयोग अपने बच्चों की शिक्षा और परिवार की जीवनशैली को बेहतर बनाने में किया. उनकी सफलता न केवल उनके परिवार की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ कर रही है, बल्कि गांव के अन्य किसानों को भी प्रेरित कर रही है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
Prabhat Khabar News Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola