2025 तक इंसान का 52 फीसदी काम मशीन करेगी छह करोड़ नौकरियां जायेंगी, तो 13.2 करोड़ आयेंगी
Updated at : 20 Jan 2020 7:41 AM (IST)
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जमशेदपुर : एक्सएलआरआइ में चल रहे दो दिवसीय नेशनल एचआर कॉन्फ्रेंस का समापन रविवार को हुआ. रविवार को कॉन्फ्रेंस की शुरुआत एक पैनल डिस्कशन के साथ हुई. इसमें डियाजीयो के वीपी एचआर अम्रुत अय्यमा, फ्लिपकार्ट के पूर्व एचआर कंसल्टेंट गौतम घोष, केपीएमजी के सीनियर एसोसिएट डायरेक्टर शाहिल नायर, पीरामल फर्मा सॉल्यूशन के एचआर इंडिया शिवादित्य […]
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जमशेदपुर : एक्सएलआरआइ में चल रहे दो दिवसीय नेशनल एचआर कॉन्फ्रेंस का समापन रविवार को हुआ. रविवार को कॉन्फ्रेंस की शुरुआत एक पैनल डिस्कशन के साथ हुई. इसमें डियाजीयो के वीपी एचआर अम्रुत अय्यमा, फ्लिपकार्ट के पूर्व एचआर कंसल्टेंट गौतम घोष, केपीएमजी के सीनियर एसोसिएट डायरेक्टर शाहिल नायर, पीरामल फर्मा सॉल्यूशन के एचआर इंडिया शिवादित्य बनर्जी, टाटा मोटर्स के प्लांट हेड विशाल बादशाह समेत कई अन्य ने हिस्सा लिया.
पैनल डिस्कशन में मुख्य रूप से वैश्विक स्तर पर बदलते दौर में डिटिजल मार्केटिंग या फिर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की वजह से विभिन्न सेक्टर में आये बदलाव की जानकारी दी गयी. बताया गया कि यह सही बात है कि इंटरनेट क्रांति के युग में तेजी से खरीदारी के तौर-तरीकों में बदलाव आया है, लेकिन इससे नौकरी पर किसी प्रकार की कोई आफत नहीं आने वाली है.
फ्लिपकार्ट के पूर्व एचआर कंसल्टेंट गौतम घोष ने बताया कि आमतौर पर लोगों में यह धारणा है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जब मशीनों की कार्यक्षमता बढ़ जायेगी, तो लोगों को अपने रोजगार खोने पड़ेंगे. ड्राइवर से लेकर डेटा एंट्री ऑपरेटर्स को बड़ी संख्या में अपनी नौकरियां खोनी पड़ेंगी, लेकिन यह बिल्कुल गलत बात है.
बताया गया कि वर्ल्ड इकॉनॉमिक फोरम की सालाना रिपोर्ट में कहा गया है कि इंसान का करीब 52 फीसदी काम मशीनें करने लगेंगी. अभी इंसान के कुल काम का केवल 29 प्रतिशत कार्य मशीनें करती हैं. इस दौरान बताया गया कि आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस आने के बाद पूरी दुनिया में 7.5 करोड़ लोगों को अपनी नौकरियां खोनी पड़ेंगी, लेकिन करीब 13.2 करोड़ नयी नौकरियों का सृजन होगा.
इस मौके पर टाटा मोटर्स के प्लांट हेड विशाल बादशाह ने भी कहा कि टाटा मोटर्स हैवी ह्वीकल बनाती है, लेकिन वहां भी आर्टिफिशियल एंटेलीजेंस का इस्तेमाल किया जा रहा है, लेकिन इससे लोगों को किसी भी प्रकार से डरने की आवश्यकता नहीं है. किसी का रोजगार नहीं छिनने जा रहा है. उन्होंने कहा कि इससे काम में परफेक्शन बढ़ेगा.
खुद को अपडेट रखने की है जरूरत
बताया गया कि आने वाले दिनों में कुशल कामगारों की आवश्यकता तेजी से बढ़ेगी. फिलहाल जो लोग किसी रोजगार में लगे हुए हैं, तो उन्हें खुद को समय के साथ री-स्किल और रिट्रेन करने की आवश्यकता होगी.
अगर वे अपडेट नहीं होंगे और उन्हें नये कार्य नहीं आते रहेंगे, तो उन्हें अपना रोजगार खोना पड़ सकता है. अब वर्क प्लेस का माहौल भी बदल रहा है. अब अगर आपका आउटपुट बेहतर है, तो आप कंपनी में बने रह सकते हैं, वरना इस तरह का माहौल है कि पुअर परफॉर्मर को नहीं ढोया जा रहा.
एक्सएलआरआइ की टीम बनी विजेता : पैनल डिस्कशन के बाद देश के विभिन्न बिजनेस स्कूल के विद्यार्थियों के बीच पुरस्कार का वितरण किया गया. एचआर ट्राइक्लॉन में एक्सएलआरआइ की टीम विजेता, जबकि आइआइएम वाइजैक की टीम उपविजेता बनी.
वहीं, दूसरी अोर बैटल अॉफ एचआर रॉयल में एक्सएलआरआइ की टीम को विजेता, जबकि दिल्ली की फोर स्कूल अॉफ मैनेजमेंट की टीम को उपविजेता का खिताब दिया गया. रविवार को विभिन्न बी स्कूलों के बीच एचआर कंपीटीशन का भी आयोजन किया गया, जिसमें एक लाख रुपये की प्राइज मनी दिया गया. इसमें एमडीआइ गुरुग्राम की टीम अव्वल रही. रविवार की देर शाम कार्यक्रम का समापन किया गया.
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