आउटसोर्सिंग के जरिये नियुक्ति कराने में स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों की भूमिका सवालों के घेरे में
Updated at : 09 Nov 2018 4:03 AM (IST)
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जमशेदपुर : स्वास्थ्य विभाग से लेकर एमजीएम अस्पताल में आउटसोर्सिंग के जरिये कर्मचारियों की बहाली से लेकर टेंडर मैनेज करने के नाम पर बड़े पैमाने पर धन उगाही का खेल चल रहा है. 10 हजार से लेकर 30 रुपये तक की रिश्वत लेकर लोगों को नौकरी लगाने का झांसा दिया जा रहा है. पूरे मामले […]
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जमशेदपुर : स्वास्थ्य विभाग से लेकर एमजीएम अस्पताल में आउटसोर्सिंग के जरिये कर्मचारियों की बहाली से लेकर टेंडर मैनेज करने के नाम पर बड़े पैमाने पर धन उगाही का खेल चल रहा है. 10 हजार से लेकर 30 रुपये तक की रिश्वत लेकर लोगों को नौकरी लगाने का झांसा दिया जा रहा है. पूरे मामले में स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों की भूमिका सवालों के घेरे में आ गयी है.
मंगलवार को एमजीएम के अधीक्षक और उपाधीक्षक तक पहुंची शिकायत के बाद तीन युवतियों से नौकरी देने के नाम पर वसूली गयी राशि की वापसी हुई. राशि स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी के जरिये लौटायी गयी. पूरे विवाद में कोल्ड चेन में कार्यरत कर्मचारी प्रद्युम्न का नाम सामने आया है. जिला सर्विलांस पदाधिकारी डॉ साहिर पाल ने कर्मचारी से 72 घंटे में जवाब मांगा है.
सिविल सर्जन डॉ महेश्वर प्रसाद ने कहा कि प्राप्त सूचना के अनुसार यह पूरा गोरखधंधा उमेश सिंह नाम का व्यक्ति चला रहा है. उसे पूर्व में मैंने जेल भेजा गया था. पूरे विवाद से स्वास्थ्य विभाग का कोई लेना देना नहीं. यह पूरी घटना एमजीएम में हुई. शिकायत भी मेडिकल कॉलेज में हुई. जिन स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी के जरिये पैसे की वापसी करायी गयी.
वह कर्मचारी कुछ और ही हकीकत बयान कर रहा है. वहीं तीन युवतियों का पैसा वापस कर विवाद में फंसे कर्मचारी प्रद्युम्न ने कहा कि उमेश सिंह से उनकी कुछ दिन पुरानी हल्की जान-पहचान है. लिहाजा उस समय कार्यालय आने-जाने के दौरान वह एक-दूसरे के नाम से परिचित हो गये. इसके अलावा उसका पूरे विवाद से कोई लेना-देना नहीं.
घटना के बारे में प्रद्युम्न ने बताया कि सारजामदा के उमेश सिंह उनके कार्यालय में आया. कहा कि वह कहीं निकल रहा है. कुछ पैसे छोड़कर जा रहा है, कुछ परिचित आकर पैसे ले जायेंगे. कुछ देर बाद तीन युवतियां आकर पैसे ले गयीं. इसके अलावा उसे पूरे मामले में कोई जानकारी नहीं.
कुछ ऐसा है पूरा विवाद
मंगलवार को तीन युवतियों ने एमजीएम पहुंचकर सारजामदा के उमेश सिंह की शिकायत की. कहा कि एमजीएम में नौकरी लगाने के नाम पर उनसे पैसे लिये गये हैं. उमेश सिंह ने कहा है कि यह पैसे अस्पताल के अधिकारियों को दिये गये हैं. पैसे देने के बाद भी वह पिछले तीन महीने से नौकरी की तलाश में चक्कर लगा रही हैं.
युवतियों से छह से दस हजार रुपये तक रुपये लिये गये. इस मामले में अस्पताल के अधिकारियों की ओर से उमेश सिंह को फोन किया गया. इसके बाद साकची स्थित कोल्ड चेन में कार्यरत कर्मचारीप्रद्युम्न के जरिये इन युवतियों से ली गयी राशि वापस करायी गयी.
इस पूरे मामले से मेरा कोई लेना देना नहीं है. मैंने लड़कियों से पैसे नहीं लिये थे. जो पैसा स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी की ओर से वापस किया गया. मुझे नहीं पता. एमजीएम में किसी का कोई काम कराने के बदले कोई पैसा नहीं लिया गया. हमें झूठे षड्यंत्र में फंसाया जा रहा है.
उमेश सिंह, आरोपी
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