विष्णुगढ़ हत्याकांड का खुलासा: अंधविश्वास में मासूम की दी बलि, मां समेत तीन गिरफ्तार
Published by : ArbindKumar Mishra Updated At : 02 Apr 2026 9:01 AM
विष्णुगढ़ हत्याकांड पर प्रेस कॉन्फ्रेंस करते डीआईजी अंजनी कुमार झा, फोटो ANI
Vishnugarh Murder Case: विष्णुगढ़ थाना क्षेत्र के कुसुम्भा गांव में नाबालिग बच्ची की निर्मम हत्या मामले में पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है. हत्या के पीछे अंधविश्वास और तंत्र-मंत्र बताया गया है. इस जघन्य कांड में शामिल तीनों आरोपियों मृतका की मां रेशमी देवी, एक अन्य महिला (शांति देवी, भगताइन) और एक पुरुष भीम राम को गिरफ्तार किया गया है.
प्रतिनिधि, हजारीबाग
Vishnugarh Murder Case: डीआइजी अंजनी झा, एसपी अंजनी अंजन व डीसी शशि प्रकाश सिंह ने मामले की विस्तृत जानकारी दी. उन्होंने बताया कि 24 मार्च की रात हुई इस वारदात ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया था. पुलिस के अनुसार, 25 मार्च की सुबह मिडिल स्कूल के पीछे मैदान से बच्ची का शव मिला था. वह 24 मार्च की रात रामनवमी के मंगला जुलूस के दौरान लापता हो गयी थी. परिजनों के बयान पर विष्णुगढ़ थाना में अपहरण और हत्या का मामला दर्ज हुआ था. 26 मार्च को प्रशिक्षु आइपीएस नागरगोजे शुभम भाउसाहेब के नेतृत्व में एसआइटी बनाया गया था. जांच में अंधविश्वास से जुड़े तथ्य सामने आये. गांव की एक कथित भगताइन ने समस्या दूर करने के नाम पर बच्ची की बलि देने की सलाह दी थी.
मृतका की मां बेटे की परेशानी को लेकर भगताइन के पास जाती थी
जांच में भगताइन शांति देवी ने बताया कि मृतका की मां पिछले एक वर्ष से अपने बेटे सुधीर कुमार सिंह की परेशानी को लेकर उसके पास आती रही थी. कहा कि उसने पूर्व में महिला के घर को तंत्र-मंत्र से बांधा भी था. भगताइन द्वारा बच्ची की मां को बताया गया था कि उसके बेटे की परेशानी को हमेशा के लिए दूर करने को लेकर किसी कुंवारी लड़की की बलि देनी होगी. इस पर मृतका की मां तैयार हो गयी. पुलिस के अनुसार मृतका की मां पिछले तीन माह में कई बार भगताइन से मिली भी थी, लेकिन भगताइन ने अष्टमी के दिन महिला को अपनी बेटी के साथ पूजा के लिए आने को कहा था. भगताइन ने बताया कि महिला अपने तीनों बच्चों को लेकर शाम सात बजे मंगला जुलूस में शामिल हुई थी. रात लगभग आठ बजे वह अपनी छोटी बेटी को लेकर उसके घर पहुंची. वहां उसने महिला को बताया कि रात नौ बजे के बाद अच्छा नक्षत्र है, तब उसमें देवास आयेगा. इसके बाद उसने महिला को एक अन्य पुरुष के साथ छोटी बेटी को लाने के लिए कहा, क्योंकि बलि के समय धर-पकड़ के लिए एक आदमी की जरूरत पड़ती. उसके बाद भगताइन द्वारा बताया गया कि मृतका की मां रेशमी देवी गांव के ही एक व्यक्ति भीम राम के साथ बच्ची को लेकर उसके घर पहुंची. महिला को पूजा के लिए 251 रुपये देने थे, लेकिन उसने 20 रुपये ही दिये.
भीमा राम ने बच्ची का गला घोंटा, बच्ची की मां ने पैर पकड़े
भगताइन के अनुसार, उसने अपने घर में स्थित मनसा मंदिर के समक्ष बच्ची को बिठाकर कुछ तंत्र-मंत्र की साधना की. इसके बाद बच्ची को बांसबाड़ी (भूत बांधने का स्थान) ले गयी. उसके साथ भीम राम व रेशमी देवी (बच्ची की मां) भी थी. यहां बच्ची को बिठा कर उसे जमीन पर सोने के लिए कहा गया. कर्मकांड पूरा होने के बाद बच्ची को प्लास्टिक पर सुलाया गया. भगताइन के अनुसार, वह बांस की एक छड़ी लिये हुए थी. एसपी ने बताया कि भगताइन ने चारों तरफ इस छड़ी को घुमाया और मंत्र पढ़ कर बोली कि देवास आ गया है. उसे अब कुंवारी लड़की का खून चाहिए. इस पर भीमा राम ने बच्ची का गला घोंट दिया. छटपटाने पर बच्ची की मां ने उसके दोनों पैर पकड़ लिये. जब उन्हें लगा कि बच्ची की मौत हो गयी, तब भगताइन ने छड़ी को बच्ची के शरीर के चारों तरफ घुमाया. इसके बाद भगताइन के कहने पर भीम राम ने बच्ची के सिर पर पत्थर से मारा. बच्ची के सिर से निकले खून से भगताइन ने जमीन की लिपाई-पुताई व पूजा की.
दोषियों को सख्त सजा दिलायी जायेगी
एसआइटी ने वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मामले का खुलासा करते हुए भीम राम, रेशमी देवी और शांति देवी को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस ने कहा कि इस मामले में जल्द से जल्द चार्जशीट दाखिल कर दोषियों को सख्त सजा दिलायी जायेगी. एसआइटी में प्रशिक्षु आइपीएस नागरगोजे शुभम भाउसाहेब, विष्णुगुढ़ पुलिस पदाधिकारी वैद्यनाथ प्रसाद, अनुभव भारद्वाज, प्रशांत कुमार, सपन कुमार महथा, विंध्यवासिनी कुमारी सिन्हा, मो इकबाल हुसैन, इंद्रजीत कुमार, दशरथ महतो, दीपक कुमार सिंह, मुकेश कुमार सिंह, कुणाल किशोर व तकनीकी शाखा के पदाधिकारी व कर्मी शामिल थे.
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अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.
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