पोस्ता की खेती करने वालों पर गिरेगी प्रशासन की गाज

खेतिहरों का नाम एवं पता एकत्रित करने में जुटी पुलिस
चौपारण. पोस्ता (अफीम) की अवैध खेती को लेकर गत वर्ष सुर्खियों में रहे चौपारण में अब इसकी खेती करनेवालों की खैर नहीं है. प्रशासन इस बार पूरी तरह मुस्तैद है. अफीम की खेती के लिए जमीन तैयार करने की सूचना प्रशासन को अपने तंत्र से मिल रही है. जंगल किनारे बसे गांवों में जागरूकता अभियान चलाकर पुलिस लोगों को सतर्क कर रही है. गांव-गांव में मादक पदार्थ के विरुद्ध जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है. थाना प्रभारी सरोज सिंह चौधरी ने कहा कि क्षेत्र में कुछ लोगों द्वारा पोस्ता की खेती की तैयारी किये जाने की शिकायतें लगातार मिल रही हैं. उन पर आगे की कार्रवाई के लिए खेतिहरों के नाम एवं ठिकाने का पता लगाया जा रहा है. इसे रोकना केवल प्रशासन की ही जिम्मेवारी नहीं है बल्कि सामाजिक एवं राजनीतिक कार्यकर्ताओं की भी बड़ी जिम्मेवारी बनती है.
जागरूकता अभियान :
प्रशासन ने ग्रामीण स्तर पर जागरूकता अभियान भी शुरू किया है. ताकि लोग पोस्ता की खेती के दुष्परिणामों से अवगत हो सकें. किसानों को पोस्ता के जगह वैकल्पिक फसलों जैसे गेहूं, मक्का और दलहन की खेती को बढ़ावा देने की सलाह दी जा रही है. इसके लिए कृषि विभाग से समन्वय बनाने के लिए किसानों को मार्गदर्शित किया जा रहा है.प्रशासन की अपील :
थाना प्रभारी ने ग्रामीणों से अपील की है कि किसी क्षेत्र में पोस्ता की खेती या उसकी तैयारी की जानकारी मिले, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें. सूचना देनेवालों की पहचान गुप्त रखी जायेगी.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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