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कीचड़युक्त सड़क पर धान रोपकर जताया विरोध

Updated at : 01 Aug 2025 10:51 PM (IST)
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कीचड़युक्त सड़क पर धान रोपकर जताया विरोध

भंडरा प्रखंड के मसमानो पंचायत स्थित बुड़का गांव के ग्रामीणों ने सड़क की बदहाल स्थिति को लेकर विरोध जताया.

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विकास का बाट जोह रहा बुड़का गांव फोटो. सडक़ की सि्थती भंडरा. भंडरा प्रखंड के मसमानो पंचायत स्थित बुड़का गांव के ग्रामीणों ने सड़क की बदहाल स्थिति को लेकर विरोध जताया. गांव की तीन टोलियों टाइन टोला, गोपी टोला और अम्बा टोला में जाने वाले रास्तों की हालत इतनी खराब है कि वहां पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है. ग्रामीणों ने कीचड़युक्त सड़क पर धान रोपकर जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों के प्रति नाराजगी जाहिर की. बुड़का गांव में कुल चार टोला हैं: बड़का टोला, टाईन टोला, गोपी टोला और अम्बा टोला. बड़का टोला को छोड़कर बाकी तीनों टोलों तक पहुंचने के लिए तीन रास्ते हैं : मसमानो नदी टोली की ओर से, बुड़का बड़का टोली की ओर से, और सुरसा गांव की ओर से, लेकिन तीनों ही रास्ते पूरी तरह से गड्ढों और कीचड़ से भर चुके हैं. सड़क की कुल लंबाई लगभग चार किलोमीटर है, लेकिन उसकी स्थिति इतनी दयनीय है कि दो, चार या छह पहिया वाहन तो दूर, एम्बुलेंस भी गांव तक नहीं पहुंच पाती. तबीयत खराब हो जाये, अस्पताल पहुंचना कठिन गांव में यदि किसी की तबीयत रात में खराब हो जाये, तो अस्पताल पहुंचना बेहद कठिन हो जाता है. स्कूल और कॉलेज जाने वाले बच्चों को भी रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ता है. शादी-विवाह के अवसर पर बारात को गांव से तीन किलोमीटर दूर बस से उतरकर पैदल आना पड़ता है. गांव में अधिकतर आदिवासी, महतो और कोइरी समुदाय के लोग रहते हैं, जो वर्षों से इस समस्या से जूझ रहे हैं. 2009 में मिट्टी मोरम का काम हुआ ग्रामीणों ने बताया कि 2009 में सड़क पर मिट्टी-मोरम का कार्य हुआ था, जिसके बाद से सड़क की स्थिति लगातार बिगड़ती गयी. कई बार जनप्रतिनिधियों से सड़क निर्माण की मांग की गयी, लेकिन यह मुद्दा सिर्फ चुनावी वादा बनकर रह गया. चुनाव के समय नेता आते हैं, आश्वासन देते हैं, लेकिन चुनाव जीतने के बाद कोई ध्यान नहीं देता. गांव के सूखना उरांव, बीरू महतो, संजय महली, रामखेलावन महतो, रविंद्र महली, सूरज महली, चुंदा उरांव, रघु महली, सोनेश्वर उरांव, बलि उरांव, बुद्धू उरांव, मांगरा उरांव, शनिचरवा उरांव, फकीरा उरांव, बिरसा पाहन, तेंबु पाहन, बासुदेव पाहन, जीतू पुजार, सुरेश पुजार आदि ग्रामीणों ने बताया कि बुड़का गांव के आसपास के रास्तों का निर्माण हो रहा है, लेकिन उनके गांव का रास्ता आज भी उपेक्षित है. विरोध स्वाभाविक है : जितेंद्र पंडित इस मुद्दे पर ग्रामीण पथ निर्माण विभाग लोहरदगा के कनीय अभियंता जितेंद्र पंडित ने कहा कि ग्रामीणों का विरोध स्वाभाविक है. अतिवृष्टि के कारण सड़क की स्थिति और खराब हो गयी है. उन्होंने बताया कि बुड़का गांव की सड़क के निर्माण के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत प्रस्ताव भेजा गया है. स्वीकृति मिलने के बाद निर्माण कार्य शुरू किया जायेगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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VIKASH NATH

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By VIKASH NATH

VIKASH NATH is a contributor at Prabhat Khabar.

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