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जिले में सात नये चेकडैम बनेंगे, एक आहर का जीर्णोद्धार होगा

Updated at : 19 Nov 2025 10:33 PM (IST)
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जिले में सात नये चेकडैम बनेंगे, एक आहर का जीर्णोद्धार होगा

जल संसाधन (लघु सिंचाई) विभाग से 7.12 करोड़ राशि होगी खर्च

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हजारीबाग. जिले में कृषि कार्य को बढ़ावा देने के लिए जल संसाधन (लघु सिंचाई) विभाग ने पदमा व चौपारण प्रखंड में सात नया चेकडैम बनाने का निर्णय लिया है. वहीं, कटकमदाग प्रखंड में एक बड़का आहर का जीर्णोद्धार होगा. विभागीय स्तर पर सहमति फिर स्वीकृति मिलने के बाद निविदा प्रक्रिया तेज कर दी गयी है. सात नये चेकडैम व बड़का आहर के जीर्णोद्धार पर 7.12 करोड़ रुपये खर्च होंगे. इसमें सबसे अधिक पदमा प्रखंड के सोतिया नदी में चेकडैम के निर्माण पर 122.334 करोड़, इसी प्रखंड में बड़की नदी में चेकडैम के निर्माण पर 117.722 करोड़ एवं बनीवादह नदी में चेकडैम के निर्माण पर 124.970 करोड़ खर्च किये जायेंगे. वहीं, चौपारण प्रखंड में अलग-अलग चार चेकडैम का निर्माण होगा. इसमें पुखरी नदी में चेकडैम के निर्माण पर 92.753 लाख, मंगराधारा नाला में चेकडैम के निर्माण पर 42.905, कोयला नाला में चेकडैम के निर्माण पर 78.160 एवं अहरी नाला में चेकडैम के निर्माण पर 73.967 लाख खर्च होगा. इधर कटकमदाग प्रखंड में बड़का आहर के जीर्णोद्धार पर 59.951 लाख खर्च किया जायेगा.

2024-25 में एनटीपीसी के सहयोग से बने हैं कई चेकडैम

जिले के बड़कागांव व केरेडारी प्रखंड में स्थापित एनटीपीसी ने किसानों के कृषि कार्य में सुविधा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जल संसाधन (लघु सिंचाई) विभाग को सहयोग किया है. 2024-25 में आधा दर्जन से अधिक चेकडैम बनाये गये हैं. कुछ आहर का जीर्णोद्धार किया गया है. इस पर एनटीपीसी ने करोड़ों रुपये लघु सिंचाई विभाग को दिया.

कमीशन को लेकर हो चुकी है मारपीट

एनटीपीसी के सहयोग से बने चेकडैम एवं आहर के जीर्णोद्धार पर फरवरी 2025 में लघु सिंचाई के इंजीनियर एवं संवेदक के बीच कमीशन को लेकर पहले आपस में कहा-सुनी हुई, जो बाद में मारपीट में बदल गयी. इसमें एक संवेदक घायल हुआ था. यह मामला थाना तक पहुंचा. बाद में विभागीय अधिकारियों के हस्तक्षेप पर मामले को रफा-दफा किया गया.

योजना से कृषि कार्य को बढ़ावा मिलेगा

सभी विकास कार्य विभागीय स्तर पर होना है. नये चेकडैम बनने एवं आहर के जीर्णोद्धार से संबंधित प्रखंड क्षेत्र में कृषि कार्य को बढ़ावा मिलेगा. किसान खेती कार्य से आमदनी प्राप्त कर आत्मनिर्भर बनेंगे.

बसंत मुंडा, कार्यपालक अभियंता, जल संसाधन (लघु सिंचाई) विभाग, हजारीबाग.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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SUNIL PRASAD

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