परिवार में प्रेम, आदर व सहनशीलता से सुख-शांति : मुनि श्री भाव सागर

Published by : SUNIL PRASAD Updated At : 01 Jun 2026 10:54 PM

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पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर में विशेष मांगलिक क्रियाएं संपन्न

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हजारीबाग. परम पूज्य आचार्य श्री समय सागर जी महाराज के आज्ञानुवर्ती शिष्य मुनि श्री धर्म सागर जी महाराज, मुनि श्री भाव सागर जी महाराज के सान्निध्य में सोमवार की सुबह पार्श्वनाथ दिगंबर जैन बड़ा बाजार मंदिर हजारीबाग में श्री विशेष मांगलिक क्रियाएं संपन्न हुईं. जैन महिला समाज ने सुमति धाम प्रश्ऩोत्तरी प्रतियोगिता का विमोचन किया. मुनि श्री भावसागर जी महाराज ने कहा कि परिवार एक ऐसा गुलदस्ता है, जो कई प्रकार के रंग-बिरंगे फूलों से सुसज्जित है. खिले हुए फूलों की भीनी-भीनी महक से घर का वातावरण शोभता है. परिवार में परस्पर आदर, प्रेम, समझ और सद्भाव की महक सुरक्षित रहे, उसके लिए कुछ नियमों का पालन जरूरी है. परिवार के प्रत्येक सदस्य के स्वतंत्र अस्तित्व का स्वीकार करना है. हर व्यक्ति की इच्छा को महत्व देकर उसकी संवेदनाओं का आदर करना चाहिए. परस्पर सहयोगी बनके दूसरों के गुणों की अनुमोदन तथा प्रशंसा करें. सहनशीलता रखने से घर में सुख के फूल खिलते हैं. जीवन में प्रयोग करना बहुत जरूरी है. लोगों को संकल्प दिलाया कि प्रतिदिन एक श्रीफल चढ़ायें. उन्होंने कहा कि एक श्री फल चढ़ाने से एक राज्य की प्राप्ति होती है. चौबीस भगवानों के मोक्ष कल्याणक पर नारियल का गोला चढ़ाना चाहिए. प्रभु का सिंहासन रजत या स्वर्ण का हो, तो अच्छा रहता है.

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