आधुनिक प्रक्रियाओं की रीढ़ है पीसीआर तकनीक

Published by : SALLAHUDDIN Updated At : 25 Mar 2025 6:14 PM

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रांची के आकृति बायोटेक्नोलॉजी में पॉलीमरेज चेन रिएक्शन पीसीआर पर कार्यशाला का आयोजन किया गया.

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: केबी महिला काॅलेज के छात्राओं को दिया गया पीसीआर तकनीक का प्रशिक्षण हजारीबाग. केबी महिला महाविद्यालय के बीएमएलटी विभाग की ओर से रांची के आकृति बायोटेक्नोलॉजी में पॉलीमरेज चेन रिएक्शन पीसीआर पर कार्यशाला का आयोजन किया गया. कार्यशाला में विभाग के पांचवें सेमेस्टर की छात्राओं ने भाग लिया. डॉ दीपक कुमार एवं डॉ राहुल आनंद द्वारा छात्राओं को प्रशिक्षण दिया गया. इस दौरान छात्राओं को पीसीआर की प्रक्रिया, सिद्धांत और जैविक नमूनों के विश्लेषण में इसकी भूमिका के बारे में बताया गया. डॉ दीपक कुमार ने कहा कि पीसीआर तकनीक आधुनिक प्रक्रियाओं की रीढ़ है. यह न केवल संक्रामक रोगों के निदान में सहायक है, बल्कि जीन विश्लेषण और फोरेंसिक साइंस में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है. बीएमएलटी विभाग की प्रो अदिति कुशवाहा ने कहा कि हमारा प्रयास है कि छात्राओं को सैद्धांतिक ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक अनुभव भी मिले. पीसीआर जैसी एडवांस तकनीक का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त कर छात्राएं मेडिकल डायग्नोसिस के क्षेत्र में अपने कौशल को निखार सकती हैं. कार्यशाला में बीएमएलटी विभाग के प्रोफेसर राहुल कुमार और कुलदीप प्रसाद भी उपस्थित थे. कार्यशाला में छात्राओं को प्रमाण पत्र प्रदान किया गया.

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