त्याग व परोपकार का उदाहरण है महात्मा हंसराज का जीवन

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त्याग व परोपकार का उदाहरण है महात्मा हंसराज का जीवन

विद्यालय में भाषण और प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम का आयोजन किया गया.

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: डीएवी सीनियर विंग में मनायी गयी हंसराज जयंती हजारीबाग. डीएवी पब्लिक स्कूल सीनियर विंग कैनरी हिल में शनिवार को हंसराज जयंती धूमधाम से मनायी गयी. विद्यालय में हवन यज्ञ का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में विद्यालय की सुपरवाइजरी हेड कविता पांडेय, संपा श्रीवास्तव, शिक्षिका किरण मिश्रा, शिक्षक बीके दुबे, शिक्षक एनके मिश्रा, एन पांडेय सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे. सुपरवाइजरी हेड कविता पांडेय ने कहा कि हम केवल महापुरुषों की जयंती ही नहीं मनाते हैं, बल्कि उनके आदर्शों को अपने जीवन में उतारते हैं. महात्मा हंसराज का जीवन त्याग और परोपकार का सबसे बड़ा उदाहरण है. किरण मिश्रा ने कहा कि हम इंजीनियर, डॉक्टर, लेखक, राजनेता कुछ भी बनें, लेकिन उससे पहले एक अच्छा इंसान बनें. इस अवसर पर विद्यालय में भाषण और प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम का आयोजन किया गया. संस्कृत भाषण प्रतियोगिता में कक्षा दसवीं की वर्षा और समृद्धि, अंग्रेजी भाषण में 12वीं कक्षा की सुनिधि और नवमी कक्षा की वाणी की प्रस्तुति शानदार रही. कार्यक्रम का समापन शांति पाठ के साथ हुआ.

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