IIT (ISM) धनबाद में 'पलाश पर्व' की धूम, सरहुल के रंग में रंगा संस्थान, डॉ. लक्ष्मण ने बताया प्रकृति पर्व का महत्व

पलाश पर्व में शामिल लोग
IIT ISM Dhanbad: IIT (ISM) धनबाद ने 'पलाश पर्व' और 'सरहुल' के भव्य आयोजन से इसका सकारात्मक जवाब दिया है! शनिवार, 28 मार्च को संस्थान के छात्रों और कर्मचारियों ने मिलकर प्रकृति की उपासना की. मुख्य अतिथि डॉ. लक्ष्मण सोरेन ने कैसे युवाओं को अपनी मिट्टी से जुड़ने की प्रेरणा दी और क्यों यह आयोजन जनजातीय समाज के लिए एक मील का पत्थर है? देखिए शिक्षा और संस्कृति के इस अनूठे संगम की हमारी विशेष रिपोर्ट.
IIT ISM Dhanbad, धनबाद: IIT (ISM) धनबाद में शनिवार, 28 मार्च 2026 को, छात्रों और कर्मचारियों ने मिलकर ‘पलाश पर्व’ का भव्य आयोजन किया. इस विशेष अवसर पर प्रकृति पर्व ‘सरहुल’ भी पूरी श्रद्धा और धूमधाम के साथ मनाया गया. कार्यक्रम के दौरान पारंपरिक जनजातीय नृत्य और गीतों की शानदार प्रस्तुति से, पूरा संस्थान परिसर उत्साह और उमंग से भर गया.
संस्थान में जनजातीय संस्कृति को मिला बड़ा मंच
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, डॉ. लक्ष्मण सोरेन, ने अपने संबोधन में छात्रों और कर्मचारियों को प्रकृति पर्व के गहरे महत्व से अवगत कराया. उन्होंने कहा कि, ऐसे पर्व हमारी विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान का अहम हिस्सा हैं और इनके संरक्षण की जिम्मेदारी हम सभी की सामूहिक प्राथमिकता होनी चाहिए. डॉ. सोरेन ने जोर दिया कि, देश के प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थानों में ऐसे आयोजनों से जनजातीय परंपराओं को सही पहचान और एक वैश्विक मंच मिलता है.
Also Read: हजारीबाग की रामनवमी को धूमिल करने का किया गया प्रयास: मनीष जायसवाल
नई पीढ़ी को जड़ों से जोड़ने की प्रेरणादायक पहल
डॉ. लक्ष्मण सोरेन का यह भी कहना था कि, ‘पलाश पर्व’ का आयोजन केवल एक औपचारिक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों को अपनी मिट्टी और जड़ों से जोड़ने की एक दिशात्मक पहल है. इस तरह के प्रयासों से युवाओं में अपनी परंपराओं के प्रति बेहतर समझ और मजबूत सांस्कृतिक चेतना का विकास होता है, जो आज के समय में बेहद जरूरी है.
तकनीकी शिक्षा और संस्कृति संरक्षण का अनूठा संदेश
IIT (ISM) धनबाद का यह कदम दर्शाता है कि, संस्थान केवल उच्च स्तरीय तकनीकी शिक्षा तक ही सीमित नहीं है, बल्कि अपनी समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण के लिए भी पूरी तरह प्रतिबद्ध है. शिक्षा और संस्कृति के बीच संतुलन बनाने का यह सकारात्मक संदेश, पूरे शैक्षणिक जगत के लिए एक नई मिसाल पेश करता है.
Also Read: राहुल गांधी का चाईबासा दौरा रद्द, 31 मार्च को प्रशिक्षण शिविर का हो जाएगा समापन
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Sameer Oraon
इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया से बीबीए मीडिया में ग्रेजुएट होने के बाद साल 2019 में भारतीय जनसंचार संस्थान दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. 5 साल से अधिक समय से प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हूं. इससे पहले डेली हंट में बतौर प्रूफ रीडर एसोसिएट के रूप में काम किया. झारखंड के सभी समसामयिक मुद्दे खासकर राजनीति, लाइफ स्टाइल, हेल्थ से जुड़े विषयों पर लिखने और पढ़ने में गहरी रुचि है. तीन साल से अधिक समय से झारखंड डेस्क पर काम कर रहा हूं. फिर लंबे समय तक लाइफ स्टाइल के क्षेत्र में भी काम किया हूं. इसके अलावा स्पोर्ट्स में भी गहरी रुचि है.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




