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इचाक की महिला ने भतीजे के साथ रचाई शादी

Updated at : 03 Jan 2025 7:49 PM (IST)
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इचाक की महिला ने भतीजे के साथ रचाई शादी

दो वर्षों से चाची-भतीजा में चल रहा था प्रेम संबंध

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: दो वर्षों से चाची-भतीजा में चल रहा था प्रेम संबंध : शादी का फोटो सोशल मीडिया पर किया वायरल इचाक. तीन बच्चों की मां गुड़िया ने अपने भतीजे के साथ शुक्रवार को शादी रचा ली. भतीजा अनिल तुरी ने शादी का फोटो सोशल मीडिया में वायरल किया है. यह घटना इचाक थाना क्षेत्र के करमटांड़ गांव की है. ग्रामीणों ने बताया कि करमटांड़ गांव निवासी स्व तालेश्वर तुरी की पत्नी गुड़िया देवी (40) अपने जेठ के बेटे 22 वर्षीय अनिल तुरी (पिता सत्येंद्र तुरी) के साथ शादी रचा ली. अनिल तुरी ने विवाह का फोटो सोशल मीडिया में शुक्रवार को वायरल कर दिया है. लोगों का कहना है कि चाची के साथ शादी रचा कर अनिल तुरी ने रिश्ता को कलंकित कर दिया है. गुड़िया देवी को दो पुत्री एवं एक पुत्र है. बड़े पुत्र की उम्र करीब 18 वर्ष है, जो इन दिनों मुंबई के एक होटल में काम करता है. दो पुत्रियो की उम्र 15 वर्ष एवं 12 वर्ष है. दोनों मां के साथ फिलहाल बरही में किराये के मकान में रहती है. ग्रामीणों ने बताया कि गुड़िया देवी के पति तालेश्वर तुरी की मृत्यु एक साल पूर्व मुंबई से घर आने के क्रम में ट्रेन से कट कर हो गयी थी. तालेश्वर तुरी पांच भाईयों में सबसे छोटा था. वह पांच वर्षों से मुंबई में पत्नी एवं बच्चों के साथ रह कर मजदूरी करता था. भतीजा अनिल तुरी भी वहां साथ में रहता था. बताया जा रहा है कि दो वर्ष से चाची और भतीजे के बीच प्रेम संबंध था. इसे लेकर छह माह पूर्व परिवार वालों ने अनिल को डांट फटकार लगायी थी. इसके बाद अनिल तुरी कमाने के लिए फिर मुंबई चला गया. गुड़िया देवी अपनी दो बेटियों के साथ बरही में किराये के घर में रहने लगी. चाची भतीजे का प्रेम संबंध चलता रहा. एक जनवरी को बरही के किसी स्थान पर चाची की मांग में सिंदूर भर कर शादी कर ली. शादी करने के बाद अनिल तुरी और गुड़िया देवी करमटांड पहुंचे. वहां माता-पिता एवं परिजनों ने शादी का विरोध किया. दोनों को फटकार लगायी. इसके बाद वे इचाक थाना पहुंचे एवं थाना में आवेदन दिया. आवेदन में कहा है कि हम दोनों को हमारे माता-पिता एवं परिवार वाले अपना घर जाने नहीं दे रहे हैं. इधर, अनिल की माता मानती देवी ने भी इचाक थाना में आवेदन देकर बेटे को गुड़िया के चंगुल से छुड़ाने की गुहार लगायी है. अनिल तुरी की माता ने कहा कि पिता वृद्ध हो चुके हैं. बांस की टोकरी बना कर जीवन यापन करते हैं. बुढ़ापा का सहारा बेटा अनिल तुरी ही है.

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