Hazaribagh: केरेडारी में पूर्व मंत्री योगेंद्र साव का आवास बुलडोजर से ध्वस्त, सरकार पर बरसे 'नेताजी'

झुमरीटांड़ में पूर्व मंत्री के आवास को बुलडोजर से ध्वस्त किया गया.
Hazaribagh: झारखंड के पूर्व कृषि मंत्री योगेंद्र साव का केरेडारी स्थित आवास प्रशासन ने बुलडोजर लगाकर गिरा दिया है. एनटीपीसी की सीबी कोल परियोजना विस्तार के लिए पूर्व मंत्री का आवास गिराया गया है. एनटीपीसी अधिकारियों का कहना है कि जमीन का अधिग्रहण पहले ही कर लिया गया था और मुआवजा दे दिया गया है.
Hazaribagh: एनटीपीसी की सीबी कोल परियोजना विस्तार को लेकर शुक्रवार को प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की. केरेडारी प्रखंड के जोरदाग गांव स्थित झुमरीटांड़ में राज्य के पूर्व कृषि मंत्री योगेंद्र साव का आवास प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया. इस कार्रवाई का नेतृत्व डीटीओ बैजनाथ कामती और डीएलएओ निर्भय कुमार ने किया. मौके पर भारी संख्या में जिला पुलिस बल, सीआईएसएफ और स्थानीय पुलिस के जवान तैनात थे. घर ध्वस्त किये जाने के दौरान पूर्व मंत्री मौके पर नहीं थे.
मौके पर भारी संख्या में पुलिस तैनात
प्रशासन ने कहा है कि जिस भूमि पर आवास था, उसका अधिग्रहण परियोजना विस्तार के लिए पहले ही कर लिया गया था. जमीन के मुआवजे की राशि नियमानुसार संबंधित ट्रिब्यूनल में जमा करा दी गयी थी. घर खाली नहीं करने के कारण प्रशासन को यह कदम उठाना पड़ा. साथ ही कहा कि यह कार्रवाई परियोजना क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त कराने और विस्तार कार्य में तेजी लाने के उद्देश्य से की गयी. फिलहाल प्रशासन स्थिति पर नजर बनाये हुए है, ताकि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था कायम रहे.
योगेंद्र साव के समर्थकों में नाराजगी
इधर इस कार्रवाई के बाद योगेंद्र साव के समर्थकों में नाराजगी है. उनका आरोप है कि प्रशासन ने बिना वैकल्पिक व्यवस्था किये आवास को ध्वस्त कर दिया और संवेदनशीलता नहीं दिखायी. घटनास्थल पर पहुंचीं पूर्व विधायक अंबा प्रसाद ने कहा कि घर और जमीन का मामला अभी कोर्ट में लंबित है, इसके बावजूद जबरन कार्रवाई की गयी. उन्होंने घोषणा की कि वे इस मामले को न्यायालय में चुनौती देंगी.
किसने क्या कहा
एनटीपीसी के अधिकारी नील माधव स्वाइन ने जमीन और संरचना का 1.97 करोड़ रुपये मुआवजा पहले ही सरकारी कोष में जमा किया जा चुका है. कब्जा लेने की पूरी कार्रवाई कानूनी प्रक्रिया के तहत की गयी है.
पूर्व मंत्री योगेंद्र साव ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि साजिश के तहत उनका घर गिराया गया है. उन्होंने कहा, ‘बिना मुआवजा और नोटिस के घर को साजिशन तोड़ा गया है. यह सरकार की साजिश है. कुछ लोग झारखंड में कांग्रेस पार्टी को कमजोर करना चाहते हैं.’
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By AmleshNandan Sinha
अमलेश नंदन सिन्हा प्रभात खबर डिजिटल में वरिष्ठ पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता में 20 से अधिक वर्षों का अनुभव है. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई करने के बाद से इन्होंने कई समाचार पत्रों के साथ काम किया. इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत रांची एक्सप्रेस से की, जो अपने समय में झारखंड के विश्वसनीय अखबारों में से एक था. एक दशक से ज्यादा समय से ये डिजिटल के लिए काम कर रहे हैं. झारखंड की खबरों के अलावा, समसामयिक विषयों के बारे में भी लिखने में रुचि रखते हैं. विज्ञान और आधुनिक चिकित्सा के बारे में देखना, पढ़ना और नई जानकारियां प्राप्त करना इन्हें पसंद है.
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