हजारीबाग. हजारीबाग के पूर्व सांसद भुवनेश्वर प्रसाद मेहता ने 86वां जन्मदिन मनाया. इस दौरान उन्होंने कहा कि झारखंड के विस्थापितों और किसानों के अधिकारों के लिए आजीवन संघर्ष किया. झारखंड राज्य विस्थापित संघर्ष मोर्चा की स्थापना की. इसके अध्यक्ष के रूप में विस्थापन और पुनर्वास की नीतियों में बदलाव के लिए लगातार आवाज बुलंद की. उनके अथक प्रयासों से झारखंड राज्य विस्थापन आयोग का गठन संभव हो सका, जो जन आंदोलन की एक मिसाल है. किसान हितों के प्रति समर्पित रहते हुए झारखंड किसान सभा के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में किसानों की समस्याओं को राष्ट्रीय मंचों पर उठाया. खेती, मजदूरी और भूमि अधिकारों को लेकर कई ऐतिहासिक आंदोलन किये और आगे भी करता रहूंगा. आदिवासी, मूलवासी, भू-रैयतों को जब तक न्याय नहीं मिल जाता है, हमारी लड़ाई जारी रहेगी. मौके पर उनकी पत्नी शकुंतला देवी, अनंत कुमार आर्य, बसंती कुमारी, श्वेता आर्य, अभिषेक कुमार, शीतल महतो, पप्पू कुमार, अखिलेश, राजेश, सुहानी, ललिता, गणेश कुमार सीटू, महेंद्र राम, स्वदेशी पासवान, निदान अंसारी, मनीर अंसारी, मुख्तार अंसारी, गुलाम जिलानी, नौशाद, गोविंद मेहता, शंभु मेहता, मो हकीम, अजय पासवान सहित काफी संख्या में लोग उपस्थित थे.
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