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बचाव ही सुरक्षा, भारी बारिश और वज्रपात से बचने के लिए रहें सतर्क

Updated at : 22 May 2025 9:39 PM (IST)
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बचाव ही सुरक्षा, भारी बारिश और वज्रपात से बचने के लिए रहें सतर्क

जिले में हो रही अत्यधिक बारिश और वज्रपात से बचाव के लिए उपायुक्त नैंसी सहाय ने लोगों से सचेत रहने की अपील की है. इस संबंध में जिला प्रशासन द्वारा कई निर्देश जारी किये गये हैं.

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हजारीबाग. जिले में हो रही अत्यधिक बारिश और वज्रपात से बचाव के लिए उपायुक्त नैंसी सहाय ने लोगों से सचेत रहने की अपील की है. इस संबंध में जिला प्रशासन द्वारा कई निर्देश जारी किये गये हैं. घर से बाहर निकलते वक्त रेडियो, टीवी और मोबाइल ऐप के माध्यम से मौसम के पूर्वानुमान और चेतावनियों से अपडेट रहें. अत्यधिक वर्षा के दौरान अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें. यदि संभव हो तो यात्रा रद्द कर दें. घर से बाहर हैं और वज्रपात हो रही हो तो जल्द से जल्द किसी पक्के मकान या सुरक्षित स्थान पर शरण लें. टिन या धातु की छत वाले मकानों से बचें, क्योंकि धातु बिजली को आकर्षित करता है. भारी बारिश और वज्रपात के समय बिजली के उपकरणों को अनप्लग कर दें और उनसे दूर रहें. मोबाइल फोन का उपयोग कम करें, खासकर खुले में या बालकनी में. धातु से बनी वस्तुओं, जैसे कृषि उपकरण, साइकिल, मोटरसाइकिल, या अन्य वाहन से दूर रहें. बिजली के खंभे और तार की बाड़ से भी बचें. तालाब, जलाशयों, स्वीमिंग पूल और बहते पानी से दूर रहें, क्योंकि पानी बिजली का सुचालक होता है. बच्चों और पालतू जानवरों को घर के अंदर रखें. आपातकालीन कीट तैयार रखें, जिसमें फर्स्ट-एड कीट, पानी, टॉर्च और बैटरी जैसी आवश्यक चीजें हों. खुले स्थान पर होने पर जल्द से जल्द किसी पक्के मकान में शरण लें. यदि कोई आश्रय न मिले तो जमीन पर न लेटें. अपने दोनों पैरों को आपस में सटाकर, हाथों को घुटनों पर रखकर और सिर को घुटनों के बीच में झुका लें. सिर को जमीन से न सटायें. पेड़ों के नीचे खड़े न हों, खासकर ऊंचे पेड़ों के नीचे, क्योंकि बिजली पेड़ों को आकर्षित करती है. छोटे और घने पेड़ों के नीचे शरण ले सकते हैं, लेकिन पैरों के नीचे सूखी वस्तुएं (लकड़ी, प्लास्टिक, बोरा, सूखे पत्ते) रखें. समूह में न खड़े हों, बल्कि अलग-अलग खड़े रहें. ऊंची इमारतों या लोहे के पिलर वाले पुलों के आसपास शरण न लें. खिड़कियों, दरवाजों, बरामदे और छत से दूर रहें. मानसून में मच्छरों के प्रजनन से होने वाली बीमारियों (जैसे डेंगू, मलेरिया) से बचने के लिए अपने आसपास पानी जमा न होने दें. मच्छरदानी या रिपेलेंट का उपयोग करें. यदि कोई व्यक्ति वज्रपात से घायल हो जाता है, तो उसे तत्काल नजदीकी प्राथमिक चिकित्सा केंद्र ले जाने की व्यवस्था करें.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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