भाषा, संस्कृति ही हमारी पहचान

Updated at : 12 Apr 2026 10:08 PM (IST)
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भाषा, संस्कृति ही हमारी पहचान

बरगइयां के हेंदेगढ़ा में सरहुल मनाया गया

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हजारीबाग. जिले के चरही बरगइयां क्षेत्र के हेंदेगढ़ा में रविवार को सरहुल पर्व मनाया गया. कुड़मी समाज के लोगों ने ग्राम देवता व सरना गवांट की पूजा की. इसमें गांव के सभी महिला-पुरुष शामिल हुए. सामूहिक नृत्य किया. अपनी सामाजिक पहचान को लेकर आवाज उठायी. उत्सव के दौरान महिला-पुरुष पारंपरिक वेशभूषा में नजर आये. माथे पर पत्तों से बने मुकुट, हाथों में हरियाली के प्रतीक पत्ते और ढोल-नगाड़ों की थाप पर सामूहिक नृत्य में माहौल को उमंग से भर दिया. लोगों ने कहा कि सरहुल केवल एक समुदाय का नहीं बल्कि प्रकृति से जुड़ी साझा परंपरा है. जिससे कुड़मी समाज सदियों से जुड़ा रहा है. हमें अपनी भाषा, संस्कृति को हमेशा याद रखना है. यही हमारी पहचान है. मौके पर समाजसेवी परमेश्वर महतो, रामेश्वर महतो, धनराज महतो, उपमुखिया दशरथ महतो, संजय महतो, तालेश्वर महतो, विष्णु महतो, नंदलाल महतो, चंद्रदेव महतो, सरयू महतो, हेमलाल महतो, जयकुमार महतो, खेमलाल महतो, अनिल, कमलेश महतो, सहदेव मास्टर, सुखदेव महतो, बैजनाथ महतो, संदीप महतो, यदुनंदन महतो सहित सैकड़ों लोग शामिल थे.

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SUNIL PRASAD

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