महीनों छुट्टी बाद भी नहीं लौटे हजारीबाग भवन निर्माण विभाग के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर, चर्चाओं का बाजार गर्म

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एग्जीक्यूटिव इंजीनियर का कार्यालय

Hazaribagh: हजारीबाग भवन प्रमंडल के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर अमित कुमार पिछले कई दिनों से छुट्टी पर हैं, जिसकी जानकारी विभाग को नहीं है. अमित कुमार पर कई आरोप लगे हैं और बताया जा रहा है कि वह ट्रांसफर के लिए रांची का चक्कर लगा रहे हैं.

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आरिफ
Hazaribagh: हजारीबाग भवन प्रमंडल के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर अमित कुमार व्यक्तिगत कारणों से लंबी छुट्टी पर हैं. एक महीने से अधिक समय गुजरने के बाद भी उन्होंने वापसी नहीं की है. उनके लंबी छुट्टी पर जाने से कई सवाल खड़े हुए हैं. विभागीय स्तर पर तरह-तरह की चर्चा है. लोगों में जितनी मुंह उतनी बातें हो रही है. इधर विभागीय हस्तक्षेप के बाद विकास कार्यों के हित को ध्यान में रखकर अतुल कुमार सिंघल को प्रभारी एग्जीक्यूटिव इंजीनियर बनाया गया है. श्री कुमार कोडरमा में भवन प्रमंडल के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर के पद पर कार्यरत हैं. उन्होंने नौ जनवरी को प्रभार लिया है.

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अमित कुमार पर लगे हैँ कई बड़े आरोप

उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडलीय मुख्यालय जिला हजारीबाग में भवन प्रमंडल सरकार की एक महत्वपूर्ण कार्य एजेंसी में सबसे बड़ा कार्यालय है. यहां से बड़े-बड़े विकास कार्यों के नवनिर्माण एवं जीर्णोद्धार की मॉनिटरिंग हो रही है. कार्यरत रहते एग्जीक्यूटिव इंजीनियर अमित कुमार की कार्यशैली पर सवाल उठे हैं. डिस्ट्रिक्ट डेवलपमेंट कोऑर्डिनेशन एंड मॉनिटरिंग कमेटी (दिशा) की बैठक में भी जनप्रतिनिधियों ने शिकायत रखी है. महीनों पहले उन्होंने अपनी नौकरी से त्यागपत्र दिया. बाद में इसे वापस ले लिया. यह खबर कुछ दिनों के लिए विभाग में सुर्खियों में है. वहीं, विभागीय स्तर पर निबंधित कई कॉन्ट्रैक्टरों ने कार्यपालक अभियंता के विरुद्ध धरना-प्रदर्शन किया है. इसमें उनपर निविदा प्रक्रिया को पारदर्शी नहीं रखने सहित दूसरे कई गंभीर भी आरोप लगे हैं.

निविदा प्रक्रिया में गड़बड़ी का आरोप भी

इधर, अमित कुमार की लंबी छुट्टी के बाद भी नहीं लौटने पर इंजीनियरिंग विभागीय कार्यालयों में चर्चा का बाजार गर्म है. कहा जा रहा है अमित कुमार हजारीबाग से स्थानांतरण को लेकर मुख्यालय रांची में प्रयासरत हैं. उनके कार्यकाल में लगभग दो वर्षों से अधिक समय के कार्यकाल में बड़े-बड़े योजनाओं के लिए निकले निविदा प्रक्रिया को पारदर्शी नहीं रखा गया. निष्पक्ष जांच होने पर कार्यपालक अभियंता की किरकिरी हो सकती है. इतना ही नहीं कार्यशैली को लेकर वह अपने सीनियर अधिकारियों के निशाने पर रहे हैं. नौकरी से त्यागपत्र देने के बाद अधीक्षण अभियंता एवं कार्यपालक अभियंता अमित कुमार के बीच आपस में ठन गई थी.

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