समर्पण व परिश्रम सफलता का मंत्र
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :02 Jun 2017 8:28 AM (IST)
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सलाउद्दीन हजारीबाग : कोई भी व्यक्ति हिम्मत न हारें और न ही पछतावा में रहें. मंजिल तलाशी जाये, तो सफलता निश्चित है. ऐसा ही कर दिखाया प्रशिक्षु डीएसपी श्रेयवत्स ने. यूपीएससी परीक्षा में तीन बार असफल होने के बावजूद उन्होंने असफलता को खुद पर हावी नहीं होने दिया. आखिरकार वह सिविल सेवा की परीक्षा में […]
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सलाउद्दीन
हजारीबाग : कोई भी व्यक्ति हिम्मत न हारें और न ही पछतावा में रहें. मंजिल तलाशी जाये, तो सफलता निश्चित है. ऐसा ही कर दिखाया प्रशिक्षु डीएसपी श्रेयवत्स ने. यूपीएससी परीक्षा में तीन बार असफल होने के बावजूद उन्होंने असफलता को खुद पर हावी नहीं होने दिया. आखिरकार वह सिविल सेवा की परीक्षा में 260वां रैंक पर रहे. श्रेयवत्स वर्तमान में हजारीबाग में डीएसपी का प्रशिक्षण ले रहे हैं. उन्होंने बताया: ईमानदार कोशिश व्यर्थ नहीं जाती है. लक्ष्य निर्धारित हो और उसे पाने के लिए हर संभव प्रयास इंसान को भीड़ से अलग बनाता है.
श्रेयवत्स ने कहा कि जो भी जिम्मेवारी हमें मिलेगी, उसे ईमानदारी के साथ निर्वाह करूंगा. उपेक्षित वर्ग के लिए काम करना हमारी प्राथमिकता होगी. भारत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरव बढ़ाना सै. यूपीएससी का रिजल्ट आते ही हजारीबाग जेपीए मेस में जश्न का माहौल छा गया. सभी प्रशिक्षु डीएसपी श्रेयवत्स को बधाई देने लगे. बधाई देनेवालों में ट्रेनर हवलदार धर्मेंद्र रजक, डीएसपी विमलेश कुमार त्रिपाठी, संतोष, शांति भूषण, अभय, कुलदीप, मुस्तफा, मनोज कुमार, अजय, आलोक, अखिल शामिल थे. ट्रेनर हवलदार धर्मेंद्र रजक ने कहा कि विपरित परिस्थितियों में यूपीएससी की तैयारी कर श्रेयवत्स ने सफलता हासिल की है. कई अभ्यर्थी इससे प्रेरणा लेंगे.
साक्षात्कार
सवाल: सफलता पाने के लिए क्या करना चाहिए ?
जवाब: किसी भी क्षेत्र में सफलता पाने के लिए ईमानदार कोशिश व मेहनत जरूरी है. सफलता के लिए कोई शॉर्टकट नहीं होता है. टारगेट निर्धारित करें और मेहनत करें.
सवाल: यूपीएससी परीक्षा देनेवाले विद्यार्थियों को क्या संदेश देंगे.
जवाब: मौजूदा परिवेश में यूपीएससी परीक्षा देनेवाले विद्यार्थियों के पास धैर्य, सहनशक्ति की कमी है. लक्ष्य तो निर्धारित कर लेते हैं, लेकिन उसे हासिल करने के लिए शॉर्टकट तलाशते हैं, जो ठीक नहीं है. आप एकाग्रचित होकर मेहनत करें. समय का सदुपयोग करें. इंटरनेट का सही उपयोग करें.
सवाल: आपकी होबी क्या है?
जवाब: मैं अपने सिलेबस की बुक के अलावा कहानी लिखता हूं और सिनेमा देखता हूं. गाना भी सुनता हूं.
सवाल: अपनी सफलता का श्रेय किसे देते हैं ?
जवाब: माता एवं नाना, नानी को.
नाम- श्रेयवत्स
पिता- स्व विजय कुमार सिन्हा
माता- सुजाता सिन्हा
मैट्रिक व इंटर- डीपीएस, रांची
बिट्स प्लानी से इंजीनियरिंग
विषय- इतिहास
पता- अशोक नगर, रांची
साक्षात्कार में कुल 32 प्रश्न पूछे गये थे. इसमें सभी सवालों का सही जवाब दिया.
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