नौ साल में डकैती की तीसरी घटना
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :08 Feb 2017 9:37 AM (IST)
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हजारीबाग : इचाक स्थित इलाहाबाद बैंक शाखा में दिन-दहाड़े डकैती की घटना से स्थानीय लोग स्तब्ध हैं. अपराधियों ने जिस तरह से घटना को अंजाम दिया है, उससे साफ जाहिर होता है कि घटना को अंजाम देने के लिए सुनियोजित तरीके से प्लांनिंग की गयी थी. घटना को कैसे अंजाम देना है और किस ओर […]
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हजारीबाग : इचाक स्थित इलाहाबाद बैंक शाखा में दिन-दहाड़े डकैती की घटना से स्थानीय लोग स्तब्ध हैं. अपराधियों ने जिस तरह से घटना को अंजाम दिया है, उससे साफ जाहिर होता है कि घटना को अंजाम देने के लिए सुनियोजित तरीके से प्लांनिंग की गयी थी. घटना को कैसे अंजाम देना है और किस ओर से फरार होना है, सभी कुछ अपराधी सोच तक पहुंचे थे. बैंक के शाखा में अपराधी मंगलवार को दिन के 10.45 बजे घुसे थे.
बताया जाता है कि इचाक बाजार में नौ साल में बैंक डकैती की यह तीसरी घटना है, जबकि इलाहाबाद बैंक, इचाक बाजार में दूसरी बार डकैती की घटना को अंजाम दिया गया है. अपराधी यहां से 21.30 लाख, 29 रुपये लूट कर फरार हो गये. इसके पूर्व इसी बैंक में 2008 में घटना घटी थी. इस संबंध में इचाक थाना में कांड संख्या 133-2008 के तहत मामला दर्ज किया गया था. वर्ष 2007 में बैंक ऑफ इंडिया, शाखा मंगुरा, इचाक शाखा में बैंक लूट की घटना घटी थी. इस संबंध इचाक थाना में कांड संख्या 282-2007 के तहत मामला दर्ज है.
कब-कब हुई हजारीबाग में बैंक डकैती:
अपराधी जिले भर में करीब दर्जन भर से अधिक घटनाओं को अंजाम दे चुके हैं. यूनाइटेड बैंक, संत कोलंबस शाखा में वर्ष 2003 बैंक लूट की घटना घटी थी. इसी तरह सदर थाना में कांड संख्या में 221-2003 के तहत मामला दर्ज है. पंजाब नेशनल बैंक, गिद्दी शाखा में वर्ष 2004 में सात लाख रुपये की डकैती हुई थी. इस मामले में मांडू के पास से डकैतों को पकड़ा गया था.
उनके पास से पांच लाख रुपये बरामद हुए थे. इस संबंध में गिद्दी थाना में 69-2004 के तहत मामला दर्ज किया गया. वहीं बैंक ऑफ इंडिया गरीकला शाखा, केरेडारी में वर्ष 2006 में बैंक डकैती की घटना घटी थी. इस संबंध में केरेडारी थाना में 71-2006 के तहत लूट का मामला दर्ज किया गया था. यूको बैंक शाखा, हजारीबाग में वर्ष 2011 में 31 लाख रुपये लूटे गये थे. इस मामले का उदभेदन अब तक नहीं हुआ है.
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया डेमोटांड़ शाखा में 31 दिसंबर 2015 को एटीएम तोड़ कर 31 लाख रुपये की लूट हुई थी. हालांकि उसी दिन मामले का उदभेदन हुआ था और आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था. क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक शाखा, चौथा विष्णुगढ़ में वर्ष 2016 में लगभग साढे आठ लाख रुपये की डकैती हुई थी. इस संबंध में विष्णुगढ़ थाना में 21-2016 के तहत मामला दर्ज किया गया था. जनवरी 2016 चरही एसबीआइ में 84 लॉकर्स गैस कटर से तोड़े गये थे. यहां से जेवरात समेत लाखों रुपये की लूट हुई थी. चौपारण थाना के चतरा मोड़ स्थित को-ऑपरेटिव बैंक में गत 10 जनवरी को दिन दहाड़े 6.58 लाख रुपये की लूट हुई थी. वहीं बैंककर्मियों को बंधक बना कर मारपीट की गयी थी.
हजारीबाग. एसपी अनूप बिरथरे ने डकैती की घटना के बाद गंभीरता बरती है. उन्होंने सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिया है कि वे जेल से छूटे डकैती के मामले के आरोपियों की गतिविधि पर नजर रखें. एसपी ने यह भी निर्देश दिया कि बैंक डकैती से संबंधित जितने भी रिकॉर्ड व सीसीटीवी फुटेज हैं, उस पर अनुसंधान शुरू कर दें. जिले में लंबी दूरी की पेट्रोलिंग एवं कई प्वाइंट पर वाहन चेकिंग शुरू कर दी गयी है.
बैंक की सुरक्षा पर हुई थी बैठक: हजारीबाग जिले में सभी बैंक अधिकारियों व एलडीएम एनके सिंह के साथ तत्कालीन एसपी भीमसेन टुटी ने गत आठ जनवरी को जिला कंट्रोल में बैठक की थी. एसपी ने बैंक अधिकारियों को निर्देश दिया था कि सभी बैंक अधिकारी शाखा में सिक्यूरिटी सोल्यूशन सर्विसलांस डिवाइस लगायें. इस डिवाइस से बैंक में हो रही घटना की सूचना दो से पांच मिनट के अंदर जिला नियंत्रण कक्ष व अन्य वरीय अधिकारियों को मिल सकती है. डिवाइस के अलर्ट होते ही पुलिस त्वरित कार्रवाई करेगी.
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