ePaper

हजारीबाग में शिक्षकों के लिए 50 घंटे का अनिवार्य प्रशिक्षण शुरू

Updated at : 22 May 2025 9:33 PM (IST)
विज्ञापन
हजारीबाग में शिक्षकों के लिए 50 घंटे का अनिवार्य प्रशिक्षण शुरू

नयी शिक्षा नीति 2020 लागू होने के बाद शिक्षकों की जिम्मेदारी और जवाबदेही दोनों बढ़ गयी है. प्रत्येक चालू सत्र में सभी शिक्षकों के लिए 50 घंटे का प्रशिक्षण अनिवार्य किया गया है.

विज्ञापन

हजारीबाग. नयी शिक्षा नीति 2020 लागू होने के बाद शिक्षकों की जिम्मेदारी और जवाबदेही दोनों बढ़ गयी है. प्रत्येक चालू सत्र में सभी शिक्षकों के लिए 50 घंटे का प्रशिक्षण अनिवार्य किया गया है. प्रशिक्षण नहीं लेने पर शिक्षकों की प्रोन्नति और समय-समय पर होने वाली वेतन वृद्धि को विभाग ने रोकने का निर्णय लिया है. सत्र 2025-26 के लिए जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) में प्रशिक्षण शुरू किया गया है. इसमें जिले के सरकारी और गैर-सरकारी सहायता प्राप्त (अल्पसंख्यक सहित) शिक्षक-शिक्षिकाओं को शामिल किया गया है. जिले में सरकारी स्कूलों में कक्षा एक से 12वीं तक (पारा शिक्षक सहित) लगभग नौ हजार से अधिक शिक्षक कार्यरत हैं. विभाग एक शिक्षक के प्रशिक्षण पर कागज़, कलम व अन्य इंस्ट्रूमेंट पर 150 रुपये खर्च कर रहा है.

शिक्षकों के सतत पेशेवर विकास पर जोर

स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव उमाशंकर सिंह ने हजारीबाग जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीइओ) को भेजे पत्र में बताया है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति में शिक्षकों के सतत पेशेवर विकास (कंटिन्यूअस प्रोफेशनल डेवलपमेंट) के लिए 50 घंटे का प्रशिक्षण अनिवार्य किया गया है. प्रशिक्षण के माध्यम से शिक्षकों को नवीनतम शिक्षा तकनीक, पद्धति, कौशल और नवाचार सीखने का अवसर दिया गया है. इस प्रशिक्षण में पहला 24 घंटे का ऑनलाइन प्रशिक्षण है. दूसरा छह घंटे का ऑफलाइन गैर-आवासीय तथा तीसरा 20 घंटे का ऑनलाइन आवासीय प्रशिक्षण शिक्षकों को मिलेगा. 20 घंटे का ऑफलाइन आवासीय प्रशिक्षण शिक्षकों को झारखंड शैक्षणिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (जेसीइआरटी) रांची में लेना है.

सुविधा अनुसार बैच तैयार

डीएसइ सह डाइट प्रभारी, हजारीबाग, आकाश कुमार ने बताया कि शिक्षकों की सुविधा अनुसार बैच तैयार किये गये हैं और प्रतिदिन डाइट में प्रशिक्षण दिया जा रहा है. विभाग ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में सभी शिक्षकों के लिए 50 घंटे का प्रशिक्षण अनिवार्य किया है.

शिक्षा विभाग में खाली पदों की समस्या, चार माह से आरजेडीइ नहीं

उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडलीय क्षेत्रीय शिक्षा संयुक्त निदेशक (रीजनल जॉइंट डायरेक्टर ऑफ एजुकेशन – आरजेडीइ) का मुख्यालय हजारीबाग में है. फरवरी 2024 से स्थाई रूप से आरजेडीइ का पद खाली है. 31 जनवरी को क्षेत्रीय शिक्षा संयुक्त निदेशक सुमन लता टोपनो बलिहार की सेवानिवृत्ति के बाद पांच दिनों तक यह पद खाली रहा. छठे दिन छह फरवरी को विभागीय आदेश के बाद हजारीबाग डीइओ प्रवीण रंजन प्रभारी क्षेत्रीय शिक्षा संयुक्त निदेशक बने हैं. वर्तमान समय में प्रवीण रंजन हजारीबाग के डीइओ, आरजेडीइ प्रभारी के अतिरिक्त सरकारी बीएड कॉलेज व इंदिरा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय, इन दो जगहों के भी प्रभारी प्राचार्य के रूप में कार्य कर रहे हैं.

लंबे समय से डाइट में प्राचार्य नहीं

उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडलीय मुख्यालय हजारीबाग के जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) में लंबे समय से स्थाई रूप से प्राचार्य का पद खाली है. इसे प्रभारी प्राचार्य के माध्यम से संचालित किया जा रहा है. अगस्त 2024 से डीएसइ आकाश कुमार को प्रभारी प्राचार्य बनाया गया है.

दो बीइइओ के भरोसे 16 प्रखंड

जिले में प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी (बीइइओ) की घोर कमी है. बड़कागांव प्रखंड में जवाहर प्रसाद और विष्णुगढ़ प्रखंड में नागेश्वर सिंह ही बीइइओ के पद पर कार्यरत हैं. शेष 14 प्रखंड सदर, दारू, चलकुशा, टाटीझरिया, चौपारण, बरकट्ठा, डाड़ी, इचाक, केरेडारी, पद्मा, कटकमसांडी, कटकमदाग, चुरचू व बरही में बीइइओ का पद खाली है. शिक्षा अधिकारी बता रहे हैं कि चुरचू व बरही प्रखंड में नये बीइइओ की पोस्टिंग हो गयी है, लेकिन दोनों ने गुरुवार तक प्रभार नहीं लिया है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
PRAVEEN

लेखक के बारे में

By PRAVEEN

PRAVEEN is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola