तेलंगाना की तर्ज पर झारखंड में भी बढ़े अल्पसंख्यकों का बजट: ओवैसी
Updated at : 08 Dec 2019 12:26 AM (IST)
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हजारीबाग : झारखंड में अकलियतों की स्थिति ठीक नहीं है. यहां की सरकार ने इनके लिए कोई ठोस काम नहीं किया है. झारखंड में अल्पसंख्यक समुदाय के विकास के लिए बजट में मात्र 102 करोड़ रुपये का ही खर्च हो रहा है, जबकि तेलंगाना सरकार अकलियतों के विकास के लिए एक हजार करोड़ सालाना बजट […]
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हजारीबाग : झारखंड में अकलियतों की स्थिति ठीक नहीं है. यहां की सरकार ने इनके लिए कोई ठोस काम नहीं किया है. झारखंड में अल्पसंख्यक समुदाय के विकास के लिए बजट में मात्र 102 करोड़ रुपये का ही खर्च हो रहा है, जबकि तेलंगाना सरकार अकलियतों के विकास के लिए एक हजार करोड़ सालाना बजट आवंटित करती है. उक्त बातें ऑल इंडिया मजलिस-ए इत्तेहादुल मुस्लमिन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने शनिवार को छड़वा मैदान की चुनावी सभा में कही.
वह सदर विधानसभा प्रत्याशी नदीम खान के समर्थन में जनसभा को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा कि झारखंड खनिज संपदा से भरा है, इसके बावजूद यहां के युवक बेरोजगार हैं. रोजी-रोटी के लिए इन्हें दूसरे राज्यों में जाना पड़ रहा है. झारखंड सरकार रोजगार मांगनेवाले युवकों, पारा शिक्षकों, आंगनबाड़ी सेविकाओं पर लाठियां बरसा रही है.
उन्होंने कहा कि मोदी सरकार नौ दिसंबर को संसद में एक नया कानून लाने जा रही है, जो मुसलमानों के खिलाफ है. ऐसे कानून का संसद से सड़क तक विरोध-प्रदर्शन करेंगे. तीन तलाक बिल से मुस्लिम महिलाओं को घर से बेघर करने की साजिश की गयी है.
ओवैसी ने कहा कि देश में मॉब लिंचिंग की सबसे अधिक घटना झारखंड में हुई है. हमारी लड़ाई किसी मजहब के खिलाफ नहीं, बल्कि इंसाफ के लिए है. कांग्रेस ने बाबरी मस्जिद का विवाद खड़ा किया, भाजपा देश में नफरत की राजनीति कर रही है. हम भारत के संविधान पर विश्वास रखते हैं.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कहा कि भाजपा कहती है मोदी हैं, तो मुमकिन है. मैं कहता हूं मोदी है तो प्याज कहां है. उन्होंने कहा कि भाजपा गांधी के हत्यारे नाथू राम गोडसे को राष्ट्रभक्त बताने का काम कर रही हैं, जबकि सुप्रीम कोर्ट ने गोडसे को गांधी की हत्या के आरोप में फांसी की सजा दी थी. कार्यक्रम में सदर विधानसभा प्रभारी नदीम खान ने मतदाताओं से समर्थन मांगा.
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