नहाय खाय के साथ विधि विधान शुरू, खरना आज
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 12 Nov 2018 7:48 AM
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हजारीबाग : नहाय खाय के साथ छठ पर्व का विधि विधान शुरू हो गया. शहर के अधिकांश मुहल्लों में छठ गीत बजने लगे हैं. मुहल्ले-मुहल्ले में सफाई अभियान शुरू हो गया है. मुहल्लों को सजाने की तैयारी हो रही है. छठव्रतियों द्वारा गेंहू सुखाया गया. खरना की तैयारी की गयी. वहीं सभी बाजारों में छठ […]
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हजारीबाग : नहाय खाय के साथ छठ पर्व का विधि विधान शुरू हो गया. शहर के अधिकांश मुहल्लों में छठ गीत बजने लगे हैं. मुहल्ले-मुहल्ले में सफाई अभियान शुरू हो गया है. मुहल्लों को सजाने की तैयारी हो रही है. छठव्रतियों द्वारा गेंहू सुखाया गया. खरना की तैयारी की गयी. वहीं सभी बाजारों में छठ पूजा में इस्तेमाल होनेवाले सामग्री की जमकर खरीदारी हुई. छठ घाटों की साफ-सफाई और सभी तरह की व्यवस्था नगर निगम व स्थानीय लोग कर रहे हैं. जिला प्रशासन के आलाधिकारी सभी घाटों की सुरक्षा, सफाई का जायजा लिया.
बड़कागांव. प्रखंड तथा आसपास के क्षेत्रों में रविवार को नहाय-खाय के साथ महापर्व छठ की शुरुआत हो गयी. चार दिवसीय इस लोक आस्था के अनुष्ठान विधि विधान के साथ लोगों ने पूजा पाठ शुरू किया. छठ व्रती सुबह से ही गंगा स्नान करने के बाद घरों में प्रसाद बनाते दिखे. आज के दिन छठ व्रत करने वाले श्रद्धालु दाल-चावल के साथ कद्दू की सब्जी को प्रसाद ग्रहण किया.
स्नान के बाद कद्दू, चने की दाल, चावल तैयार कर, व्रतियों के साथ श्रद्धालु भी प्रसाद ग्रहण किया. सोमवार को खरना होगा. शाम को गन्ने के रस में बने चावल की खीर के साथ दूध, चावल का पिट्ठा और घी चुपड़ी रोटी का प्रसाद भगवान सूर्य को अर्पित करने के बाद ग्रहण करेंगे. 36 घंटे का निर्जला उपवास शुरू होगा. मंगलवार को पहला अर्घ्य शाम 5.10 बजे के पहले भगवान सूर्य को अर्घ्य दिया जायेगा. सोमवार को खरना होने से साढ़े साती और ढैया से प्रभावित लोगों के लिए भी काफी उत्तम संयोग है. खरना का प्रसाद ग्रहण करना उनके लिए विशेष फलदायी होगा.
खरना का मतलब शुद्धिकरण होता है. मान्यता है कि कुलदेवता को चढ़ाये जाने वाले खीर को व्रती स्वयं अपने हाथों से पकाते हैं. इसके लिए मिट्टी के नये चूल्हे का प्रयोग किया जाता है. खीर पकाने के लिए शुद्ध अरवा चावल या साठी के चावल का प्रयोग होता है. इंधन के रूप में सिर्फ लकड़ियों का प्रयोग किया जाता है. आम की लकड़ी का प्रयोग करना उत्तम माना गया है. खरना पूजन के बाद व्रती पहले स्वयं प्रसाद ग्रहण करते हैं. इसके बाद परिवार के लोग.
बरही. बरही में पवित्र छठ त्योहार की तैयारी जोरों से चल रही है. रविवार को नहाय खाय के विधि के साथ त्योहार का विधिवत शुभारंभ हो गया. छठ व्रत करने का संकल्प करनेवालो ने नदी में नहाकर स्वयं को व्रत के लिए तैयार कर लिया है. सोमवार को खरना होगा.जिनके यहां छठ हो रहा है वे अन्य लोगों को खरना का प्रसाद खाने के लिए अपने यहां निमंत्रण दे रहे है. उधर, छठव्रती के परिजन छठ घाटों पर अपना जगह ठीकठाक करने में लगे है.
विष्णुगढ़. नहाय खाय के साथ छठ महापर्व रविवार से शुरू हो गया. सोमवार को छठ व्रती खरना करेगी. छठ पूजा को लेकर लोगों में उत्साह चरम पर है. बाज़ार में छठ पूजा को लेकर दुकानें सजी हुई हैं. लोग खरीदारी कर रहे हैं. जिनके घरों में महापर्व छठ हो रहा है. उनलोग नियम व धर्म पर विशेष रूप से ध्यान दे रहे है. बिष्णुगढ़ अखाड़ा चौक, हॉस्पिटल चौक, सात माइल चौक, बनासो बाज़ार में छठ को लेकर दुकानें सजी हुई हैं.
इचाक. लोक आस्था एवं सूर्य उपासना का चार दिवसीय महापर्व छठ रविवार को नहाय खाय के साथ शुरू हो गया. आज सभी गांवों के छठ वर्ती नदी व तालाबों में स्नान कर सूर्य की उपासना के साथ छठी मईया की भक्ति में लीन हो गये. स्नान के बाद कद्दू की सब्जी व चना दाल के साथ अरवा चावल के भात ग्रहण किया. छठ पूजा करनेवाले सभी घरों में महिलाओं द्वारा शाम-सुबह छठ मइया के गीत गाने व गीत बजने से पूरा क्षेत्र छठमय हो गया है.
पूजा सामान की खरीदारी को लेकर इचाक बाजार, इचाक मोड़, करियातपुर, देवकुली, दरिया चौक में दिन भर भीड़ जुटी रही. सेवाने नदी, फुरुका नदी, लोहंडी नदी, देवकुली नदी समेत सभी गांवों के तालाबों व छठ घाटों की साफ-सफाई करते युवक देखे गये. छठ मइया का दौरा गुजरने वाले सड़कों व गलियों की साफ-सफाई की गयी कई गांवों के छठ घाटों व मुख्य पथ पर तोरण द्वार लगाकर व विद्युत साज-सज्जा की गयी है.
केरेडारी. महापर्व छठ नहाय-खाय के साथ केरेडारी प्रखंड में रविवार से शुरू हो गया. छठ व्रतियों ने चना दाल, कद्दू व चावल का सेवन किया. सोमवार को छठव्रती दिनभर उपवास रखने के बाद शाम को दूध में बने चावल-खीर का प्रसाद भगवान सूर्य को अर्पित करने के बाद ग्रहण करेंगे.
छठव्रती दो दिनो तक निर्जला उपवास रखेंगे. छठव्रती मंगलवार शाम में सूर्य भगवान को पहला अर्घ्य देंगे. वहीं बुधवार प्रात: सूर्य को दूसरा अर्घ्य के साथ छठ पूजा संपन्न होगा. छठ महापर्व को लेकर आसपास के मंडियो में लोगों की चहल- पहल तेज हो गयी हैं. श्रद्धालु पूजन सामग्री की खरीदारी करने में जुट हैं. छठ के गीतों से केरेडारी का वातावरण भक्तिमय हो गया है. छठ महापर्व को लेकर केरेडारी प्रखंड में छठ घाटों की साफ-सफाई की गयी. मौके पर तापेश्वर साव, छोटन साव समेत कई लोग शामिल थे.
चौपारण. रविवार को नहाय-खाय के साथ तीन दिवसीय छठ व्रत शुरू हो गया. चारों तरफ छठ गीतों की धुन से चौपारण गूंज रहा है. मिट्टी के बर्तन, सूप, दउरा, सुपली, डलनी, फल-फूल के बाजार सज गये हैं. प्रखंड के चट्टी सहित विभिन्न पंचायतों में सैंकड़ो छठ घाट है. जहां काफी संख्या में छठव्रती भगवान भाष्कर को अर्घ्य अर्पित करते हैं. सभी छठ घाटों का अलग-अलग महत्व है.
इसमें ताजपुर पंचायत के शिबाला स्थित छठ घाट का विशेष महत्व है. जहां काफी संख्या में दूर-दूर से छठ व्रती भगवान भाष्कर को अर्घ्य अर्पण करने जुटते हैं. लोगों का मानना है कि इस छठ घाट पर सूर्यदेव को अर्घ्य प्रदान करनेवालों को मनवान्छित फल की प्रप्ति होती है. यहां काफी संख्या में नि:संतान महिलाएं जुटतीं हैं. इस छठ तलाब के तट पर भगवान सूर्यदेव, शिव एवं बजरंग बली का मंदिर है. जहां छठ व्रती भगवान भाष्कर को अर्घ्य प्रदान कर पूजा-पाठ के बाद अपने-अपने घर के लिए प्रस्थान करती है.
छठ घाट पर प्रशासन की टीम मुस्तैद रहती है. छठ घाट का अवलोकन विधायक मनोज यादव, जिप सदस्य रामस्वरूप पासवान, बरही एसडीओ राजेश्वरनाथ आलोक, डीएसपी मनीष कुमार, बीडीओ अमित श्रीवास्तव, थाना प्रभारी सुदामा दास, मुखिया बिनोद सिंह, पंसस टुन्नू वर्णवाल, गोपाल प्रसाद केसरी, दिलीप केसरी आदि ने किया.
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