आंखों के मरीजों के लिए वरदान बना जेपी नेत्रालय

Published at :23 Jan 2018 5:09 AM (IST)
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आंखों के मरीजों के लिए वरदान बना जेपी नेत्रालय

नवभारत जागृति केंद्र के सचिव के प्रयास से 2005 में खुला था अस्पताल 12 साल में करीब छह लाख मरीजों की आंखों की हो चुकी हैं जांच चौपारण : प्रखंड के बहेरा आश्रम में एनबीजेके द्वारा संचालित जयप्रकाश नेत्रालय आंख की मरीजों के लिए वरदान बन गया है. इस अस्पताल में न्यूनतम राशि में आंखों […]

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नवभारत जागृति केंद्र के सचिव के प्रयास से 2005 में खुला था अस्पताल
12 साल में करीब छह लाख मरीजों की आंखों की हो चुकी हैं जांच
चौपारण : प्रखंड के बहेरा आश्रम में एनबीजेके द्वारा संचालित जयप्रकाश नेत्रालय आंख की मरीजों के लिए वरदान बन गया है. इस अस्पताल में न्यूनतम राशि में आंखों की समुचित जांच की जाती है. यहां झारखंड के अलावा बिहार व बंगाल से भी मरीज पहुंच रहे है. अस्पताल की स्थापना 2005 में नवभारत जागृति केंद्र के सचिव सतीश गिरजा के प्रयास से किया गया है.
लाखों मरीजों की हुई हैं जांच: 12 साल में अस्पताल में लाखों आंख की रोगियों की जांच की गयी है. आवश्यकतानुसार अस्पताल में आंख रोग के विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा हजारों लोगों का सफल मोतियाबिंद का ऑपरेशन किया गया है. यहां न्यूनतम लागत पर मोतियाबिंद का सफल इलाज किया जाता है.
60 रुपये के राजिट्रेशन पर होती है पूरी जांच: अस्पताल में मात्र 60 रुपये के न्यूनतम राशि पर आंख के मरीजों का रजिस्ट्रेशन होता है. उसके बाद आंख की समुचित जांच के अलावा मधुमेह, ब्लडप्रेशर, विजन, चश्मा, काला व सफेद मोतियाबिंद की जांच होती है. जरूरत पड़ने पर रेटिना की जांच की जाती है. अस्पताल में तीन नेत्र विशेषज्ञों के अलावा महिला व पुरुष कुल 52 अस्पताल कर्मी सेवारत है.
प्रतिदिन 100 मरीजों का होता हैं ऑपरेशन: प्रबंधक
अस्पताल में प्रतिदिन करीब 100 मरीजों के मोतियाबिंद का ऑपरेशन होता है. अस्पताल में आंख के रोग से पीड़ित रोगियों के लिए रहने कि उत्तम सुविधा प्रबंधन की ओर से की गयी है. प्रबंधन ने बेहतर सुविधा के लिए बिहार के शेरघाटी, झारखंड के चतरा, बगोदर व हजारीबाग शहर में मिनी अस्पताल खोल रखा है.
अस्पताल से इलाज के बाद रेफर रोगियों का जयप्रकाश नेत्रालय चौपारण के बहेरा में समुचित इलाज होता है. उक्त बातें प्रबंधक तिरेपन्न दास व उप प्रबंधक करुणा निधि ने कहा अत्यंत गरीब व लाचार आंख की रोगियों को शत प्रतिशत निःशुल्क इलाज किया जाता है.
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