कुआं में जहरीले गैस से तीन लोग बेहोश, कोरेंटिन में रह रहे युवक ने कुएं से निकाल तीनों की बचायी जान

गुमला : रायडीह थाना क्षेत्र के केमटे केराटोली गांव में शनिवार को एक कुआं जहरीला गैस से भर गया. जिस कारण जो भी कुआं में घुसा. वही बेहोश हो गया. वहीं, गांव के कोरेंटिन सेंटर में रह रहे एक शख्स ने कुएं में घुसकर तीनों को बाहर निकाला और उनकी जान बचायी. पूरा मामला क्या है, पढ़े गुमला से दुर्जय पासवान की रिपोर्ट...
गुमला : रायडीह थाना क्षेत्र के केमटे केराटोली गांव में शनिवार को एक कुआं जहरीला गैस से भर गया. जिस कारण जो भी कुआं में घुसा. वही बेहोश हो गया. वहीं, गांव के कोरेंटिन सेंटर में रह रहे एक शख्स ने कुएं में घुसकर तीनों को बाहर निकाला और उनकी जान बचायी. पूरा मामला क्या है, पढ़े गुमला से दुर्जय पासवान की रिपोर्ट…
Also Read: रजरप्पा मंदिर के पास पुल निर्माण साइट से दो गार्ड का अपहरण, वर्दी में थे अपराधीगांव के देवीचरण सिंह (40 वर्ष), अजीत सिंह (18 वर्ष) व संदीप सिंह (18 वर्ष) कुआं में घुसने से बेहोश हो गये थे. होम कोरेंटिन में रह रहे युवक नारायण सिंह ने कुआं में बेहोश हुए तीन लोगों को निकाला और उसकी जान बचायी. ग्रामीणों ने अस्पताल से एंबुलेंस भेजने की मांग की थी. परंतु छत्तीसगढ़ बॉर्डर के पास गांव होने के कारण एंबुलेंस नहीं भेजा गया.
तीनों व्यक्तियों की गांव में ही घरेलू उपचार से होश में लाने का काम देर शाम तक किया जाता रहा. शाम साढ़े छह बजे समाचार लिखे जान तक देवीचरण व संदीप को होश आ गया था. परंतु स्थिति नाजुक बनी हुई थी. जबकि अजीत को होश नहीं आया था. जिससे गांव के लोग डरे हुए थे. क्योंकि अजीत कुछ दिन पहले दूसरे राज्य से लौटा था. वह होम कोरेंटिन में था.
जानकारी के अनुसार दो दिन पहले गांव के कुआं में एक पशु गिरकर मर गया था. जिसे ग्रामीणों ने शुक्रवार को निकाला था. कुआं में पशु के मरने से पानी दूषित होने की बात कहकर शनिवार को कुछ लोग कुआं के पानी को साफ कर रहे थे. इसके लिए मशीन लगाया गया था. परंतु कुआं में मशीन खराब हो गया और उससे कुआं में जहरीला गैस बन गया.
देवीचरण पानी साफ करने के लिए कुआं में उतरा. तभी वह बेहोश हो गया. यह देखकर होम कोरेंटिन में रह रहे अजीत सिंह कुआं में उतरकर देवीचरण को निकालने का प्रयास करने लगा. परंतु वह भी बेहोश हो गया. इसके बाद संदीप सिंह घुसा तो वह भी बेहोश हो गया. इसके बाद ग्रामीण डर गये और कोई कुआं में नहीं उतर रहा था. यह देखकर होम कोरेंटिन में रह रहे नारायण सिंह कुआं में कूदा और तीनों को कुआं से निकाला.

कोरेंटिन केंद्र में रह रहे प्रवासी मजदूरों ने मिसाल पेश की है. जिस केंद्र में मजदूर रह रहे हैं. उस केंद्र की खुद साफ सफाई करते हैं. ताकि कोरेंटिन सेंटर साफ रहे और वे कोरोना महामारी से बच सके. गुमला जिले में यह पहला मामला है. जब कोरेंटिन केंद्र से प्रवासी मजदूर भागने नहीं, बल्कि 14 दिन रहने के लिए आये हैं. हर दिन खुद मजदूर अपने कमरे व केंद्र के बरामद की सफाई करते हैं.
हम बात कर रहे हैं सिसई प्रखंड के छारदा पंचायत स्थित लठदाग उत्क्रमित मध्य विद्यालय में बनाये गये कोरेंटिन सेंटर का. इस सेंटर में रह रहे मजदूरों ने श्रमदान कर स्कूल के शौचालय व कुआं के साथ पूरे स्कूल परिसर की सफाई की. उपप्रमुख दीपक अधिकारी ने इसके लिए पहल की थी. उन्होंने सेंटर में रहने वाले मजदूरों को स्वच्छता का पाठ पठाया.
इसके बाद मजदूरों ने सेंटर की सफाई की. उपप्रमुख ने अपने स्तर पर लाइट व पंखे भी दिये. जिसे मजदूरों ने अपने से स्कूल भवन में लगाकर अपने लिए व्यवस्था बना ली. कोंरेंटिन में रखे गये प्रवासी मजदूरों के इस कार्य में स्थानीय ग्रामीणों व वार्ड मेंबर संगीता देवी ने भी सहयोग किया. मौके पर मुखिया पार्वती देवी सहित अन्य लोग मौजूद थे.
Posted By: Amlesh Nandan Sinha
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