गुमला में उग्रवादियों के खिलाफ एकजुट हुए ग्रामीण, बंद पड़े पुल का काम कराया शुरू, दी सख्त चेतावनी

Published by : Sameer Oraon Updated At : 07 Apr 2024 1:52 PM

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उग्रवादियों का कहना था कि जब तक लेवी की राशि नहीं मिलेगी निर्माण कार्य शुरू नहीं होगा. इस घटना की जानकारी जब शुक्रवार को ग्रामीणों को हुई, तो पूरे गांव में डुगडुगी बजा लोगों को एकजुट किया.

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गुमला : गुमला जिले के घाघरा प्रखंड के डुको सिकवार गांव के ग्रामीणों ने टीएसपीसी उग्रवादियों के खिलाफ एकजुट होकर हरवे हथियार उठा लिया है. साथ ही बंद कराये गये पुल का निर्माण कार्य शुरू करा दिया. ग्रामीणों ने उग्रवादियों को चेताते हुए कहा है कि अब अगर गांव के विकास के काम में बाधा पहुंचाया, तो दौड़ा दौड़ा कर पीटेंगे. दरअसल, टीएसपीसी उग्रवादियों ने गुरुवार की शाम कोयल नदी पर छह करोड़ रुपये की लागत से बन रहे पुल का निर्माण कार्य बंद करा दिया था.

साथ ही एक घंटे तक मजदूरों को बंधक बनाकर रखा था. उग्रवादियों का कहना था कि जब तक लेवी की राशि नहीं मिलेगी निर्माण कार्य शुरू नहीं होगा. इस घटना की जानकारी जब शुक्रवार को ग्रामीणों को हुई, तो पूरे गांव में डुगडुगी बजा लोगों को शनिवार को पुल निर्माण स्थल पर जुटने के आह्वान किया गया. शनिवार को हरवे हथियार के साथ सैंकड़ो लोग टांगी, तलवार, बलुवा, हसुवा, तीर-धनुष, लाठी सहित पारंपरिक हथियार लेकर जुटे. ग्रामीणों ने बैठक कर निर्णय लिया कि अपने गांव के विकास के लिए वह खुद उग्रवादियों से लड़ाई लड़ेंगे.

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उन्होंने कहा कि पड़ोस के आधा दर्जन गांव के लोग उनके साथ हैं. ग्रामीणों ने चेतावनी देते हुए कहा है कि गांव के विकास में अगर कोई भी उग्रवादी संगठन या फिर असामाजिक तत्व बाधा पहुंचायेंगे तो उनका मुंहतोड़ जवाब दिया जायेगा. ग्रामीणों ने कहा कि अब पुल निर्माण के कार्य को पूरा कराने की जिम्मेवारी हम लोगों की है. वहां काम करनेवाले लोगों को पूरी सुरक्षा प्रदान करते हुए काम पुल निर्माण का काम पूरा करायेंगे. इसके बाद ग्रामीणों के सामने ही पुल निर्माण का कार्य शुरू कराया गया.

टीएसपीसी के उग्रवादियों ने पर्चा छोड़ा

लेवी की मांग को लेकर टीएसपीसी उग्रवादी संगठन के लोग गुरुवार की देर शाम पुल निर्माण स्थल पर पहुंचे थे. उस वक्त कुछ मजदूर काम कर रहे थे. उग्रवादियों की संख्या पांच थी. पहले उग्रवादियों ने सभी मजदूरों को बंधक बनाया. इसके बाद पर्चा थमाते हुए कहा है कि जब तक लेवी की राशि नहीं मिलेगी पुल का काम बंद रहेगा. इधर, घटनास्थल पर पहुंची पुलिस ने पर्चा बरामद किया.

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समीर उरांव, डिजिटल मीडिया में सीनियर जर्नलिस्ट हैं और वर्तमान में प्रभात खबर.कॉम में सीनियर कटेंट राइटर के पद पर हैं. झारखंड, लाइफ स्टाइल और स्पोर्ट्स जगत की खबरों के अनुभवी लेखक समीर को न्यूज वर्ल्ड में 5 साल से ज्यादा का वर्क एक्सपीरियंस है. वह खबरों की नब्ज पकड़कर आसान शब्दों में रीडर्स तक पहुंचाना बखूबी जानते हैं. साल 2019 में बतौर भारतीय जनसंचार संस्थान से पत्रकारिता करने के बाद उन्होंने हिंदी खबर चैनल में बतौर इंटर्न अपना करियर शुरू किया. इसके बाद समीर ने डेली हंट से होते हुए प्रभात खबर जा पहुंचे. जहां उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग और वैल्यू ऐडेड आर्टिकल्स लिखे, जो रीडर्स के लिए उपयोगी है. कई साल के अनुभव से समीर पाठकों की जिज्ञासाओं का ध्यान रखते हुए SEO-ऑप्टिमाइज्ड, डेटा ड्रिवन और मल्टीपल एंगल्स पर रीडर्स फर्स्ट अप्रोच राइटिंग कर रहे हैं.

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