संसद में उठा गुमला रेल लाइन का मुद्दा, सुखदेव भगत ने मोदी सरकार को घेरा

Edited by Amitabh Kumar
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सांसद सुखदेव भगत लोकसभा में, गोल घेरे में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव (Photo: X)

Gumla Railway Line : लोहरदगा लोकसभा के सांसद सुखदेव भगत ने गुमला रेल लाइन को लेकर केंद्र की मोदी सरकार को घेरा. उन्होंने कहा कि गुमला से सौतेलापन क्यों?

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गुमला से दुर्जय पासवान की रिपोर्ट
Gumla Railway Line : केंद्रीय बजट सत्र के दौरान लोकसभा में रेल मंत्रालय की अनुदान मांगों (डिमांड फोर ग्रांट) पर हुई चर्चा में लोहरदगा लोकसभा के सांसद सुखदेव भगत ने कांग्रेस की ओर से भाग लेते हुए केंद्र की मोदी सरकार और रेल मंत्रालय पर जमकर हमला बोला.

सांसद ने गुमला के साथ “सौतेला व्यवहार” करने का आरोप लगाया. उन्होंने गुमला में नई रेलवे लाइन के निर्माण की मांग उठाई. संसद में अपने संबोधन के दौरान भगत ने कहा कि झारखंड, खासकर गुमला जैसे ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध क्षेत्र को अब तक रेलवे कनेक्टिविटी से नहीं जोड़ा जा सका है. यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है. सांसद ने याद दिलाया कि गुमला, 1971 के भारत-पाक युद्ध के परमवीर चक्र विजेता अल्बर्ट एक्का की जन्मस्थली है. फिर भी यह जिला आज तक रेलवे नेटवर्क से नहीं जुड़ सका है.

गुमला का विकास बाधित

सांसद भगत ने गुमला की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख भी किया. अंजनी धाम (भगवान हनुमान का जन्मस्थल), टांगीनाथ धाम (भगवान शिव का प्राचीन धाम) और आदिवासियों के महत्वपूर्ण सिरसीता नाले जैसे आस्था के केंद्र स्थलों का जिक्र भगत ने लोकसभा में किया. साथ ही उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र बॉक्साइट जैसे खनिज संसाधनों से भरपूर है. लेकिन आधारभूत ढांचे के अभाव में विकास बाधित है.

केंद्र सरकार की नीतियों को आड़े हाथ लिया सांसद ने

रेल बजट पर कटाक्ष करते हुए सांसद ने केंद्र सरकार की नीतियों को आड़े हाथों लिया. उन्होंने तीखे अंदाज में कहा कि सरकार ने रेलवे में बड़ा बजट आवंटित किया है. लेकिन हालत ऐसी है जैसे दुकान में बिक्री तो बहुत हो. लेकिन मालिक के पास बचत शून्य हो. उन्होंने आगे कहा कि सरकार की सुपरफास्ट एक्सप्रेस में घोषणाएं तेज दौड़ रही हैं. लेकिन ट्रेन अभी भी प्लेटफॉर्म पर खड़ी है.

नई रेलवे लाइन के निर्माण को प्राथमिकता दी जाये : सुखदेव भगत

सुखदेव भगत ने रेल मंत्री से मांग की कि गुमला में नई रेलवे लाइन के निर्माण को प्राथमिकता दी जाये. ताकि क्षेत्र का समग्र विकास हो सके. साथ ही पर्यटन, रोजगार तथा व्यापार को बढ़ावा मिले. इसके अलावा उन्होंने आम यात्रियों से जुड़े मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया. उन्होंने कहा कि छात्रों, खिलाड़ियों और वरिष्ठ नागरिकों को रेल यात्रा में दी जाने वाली छूट को फिर से लागू या सुदृढ़ किया जाना चाहिए. इससे आम जनता को राहत मिल सके.

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लेखक के बारे में

By Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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