बेकार पड़ा है लाखों की लागत से बना कोल्ड स्टोरेज

Updated at : 09 Oct 2025 9:12 PM (IST)
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बेकार पड़ा है लाखों की लागत से बना कोल्ड स्टोरेज

जिला सहकारिता कार्यालय के समीप छह साल पहले बना था 30 मीट्रिक टन क्षमता वाला स्टोरेज

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गुमला. गुमला में कोल्ड स्टोरेज किसके लिए बना है. प्रशासन ने यह अब तक तय नहीं कर सका है. यही वजह है कि गुमला में लाखों रुपये की लागत से बना कोल्ड स्टोरेज बनने के बाद से बेकार पड़ा है. किसानों व व्यवसायियों के हरी साग-सब्जियों को सुरक्षित रखने और उन्हें लाभान्वित करने के उद्देश्य से जिला सहकारिता कार्यालय के समीप छह साल पहले 30 मीट्रिक टन की क्षमता वाला कोल्ड स्टोरेज बनाया गया है. लेकिन बनने के बाद से अब तक कोल्ड स्टोरेज बंद है. नतीजा कोल्ड स्टोरेज से न तो फल व सब्जी उत्पादित करने वाले किसान व व्यवसायी लाभान्वित हो पा रहे हैं और न ही उससे मिलने वाले राजस्व ही मिल पा रहा है.

कोल्ड स्टोरेज शुरू होगा, तो किसानों को होगा लाभ

गुमला में काफी संख्या में किसान सब्जियों, फल व फूलों की खेती करते हैं. खेती में फसल तैयार होने के बाद उसकी खरीद-बिक्री शुरू होती है. खुले बाजार में काफी मात्रा में सब्जियों, फल व फूलों की खपत होने के बाद भी कई बार ऐसा होता है कि किसी किसान अथवा व्यवसायी के पास सब्जियां, फल व फूल बचा रह जाता है. ऐसे किसान व व्यवसायी अपनी सब्जियां, फल व फूलों को सड़ने-गलने से बचा सके या अधिक दिनों तक उसको सुरक्षित रख सके. इसके लिए कोल्ड स्टोरेज का निर्माण किया गया है, ताकि किसान व व्यवसायी उससे लाभान्वित हो और उससे सरकार को राजस्व की भी प्राप्त हो सके.

कोल्ड स्टोरेज से आधा किमी दूरी पर है बाजार

सबसे बड़ी बात कि कोल्ड स्टोरेज को शुरू करने की दिशा में कोई ठोस पहल तक नहीं की गयी. गौर करने वाली बात यह भी है कि कोल्ड स्टोरेज से गुमला के साप्ताहिक बाजार की दूरी आधा किमी से भी कम है. जहां एक या दो नहीं, बल्कि सैकड़ों किसान व व्यवसायियों का जुटान होता है. बाजार में सब्जियों की खरीद-बिक्री होती है और खपत के बाद कई के पास काफी मात्रा में सब्जियां बच जाती हैं. इसके बाद भी कोल्ड स्टोरेज बनने के बाद से ही बंद पड़े रहना कोल्ड स्टोरेज किसानों व व्यवसायियों के लिए दुर्भाग्य की बात है. संबंधित विभागीय पदाधिकारी के उदासीन रवैये से कोल्ड स्टोरेज बंद पड़ा है.

डीजल से चलाने में महंगा पड़ेगा : माधुरी बेक

इस संबंध में जिला सहकारिता पदाधिकारी माधुरी बेक से पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि कोल्ड स्टोरेज के संचालन की जिम्मेवारी लैंपस को दी गयी है. डीजल व जेनरेटर से चलने वाला कोल्ड स्टोरेज है. डीजल से चलाने में महंगा पड़ेगा. इसलिए नहीं चलाया जा रहा है. बिजली से चलने वाले कोल्ड स्टोरेज के लिए विभाग को पत्र भेजा गया है.

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