हमारी आत्मा अपनी नहीं, ईश्वर की है : फादर अमृत

Published at :26 Jul 2016 8:01 AM (IST)
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हमारी आत्मा अपनी नहीं, ईश्वर की है : फादर अमृत

संत अन्ना मध्य/उच्च विद्यालय में रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के बीच विद्यालय दिवस मनाया गया. फादर अमृत ने पवित्र मिस्सा पूजा कराया. विद्यार्थियों ने बाइबल जुलूस निकाला और नृत्य व नाटक पेश किया. गुमला : गुमला के संत अन्ना मध्य/उच्च विद्यालय दाऊदनगर पुग्गू में सोमवार को रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के बीच विद्यालय दिवस मनाया गया. इस […]

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संत अन्ना मध्य/उच्च विद्यालय में रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के बीच विद्यालय दिवस मनाया गया. फादर अमृत ने पवित्र मिस्सा पूजा कराया. विद्यार्थियों ने बाइबल जुलूस निकाला और नृत्य व नाटक पेश किया.
गुमला : गुमला के संत अन्ना मध्य/उच्च विद्यालय दाऊदनगर पुग्गू में सोमवार को रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के बीच विद्यालय दिवस मनाया गया. इस अवसर पर विद्यालय में पवित्र मिस्सा पूजा की गयी.
मुख्य अनुष्ठाता फादर अमृत कुमार मिंज ने मिस्सा पूजा करायी. उन्होंने कहा कि संत अन्ना और जोवाकिम धार्मिक थे. उनके द्वारा माता मरियम और माता मरियम द्वारा हमारे मुक्तिदाता प्रभु यीशु का जन्म हुआ. प्रभु यीशु ने लोगों को प्रेम का संदेश दया और प्र्रेम से रहने की सीख दी. प्रभु यीशु ने ही हमें हमारे पापों से मुक्ति दिलायी. फादर अमृत ने कहा कि हम मिट्टी के सदृश्य हैं. ईश्वर ने मिट्टी की एक मूर्ति बना कर उसमें अपना प्राण फूंक दिया और वह जीवित प्राणी बन गया. हमारी आत्मा हमारी अपनी नहीं, ईश्वर की है.
मनुष्य स्वार्थी है, इसलिए पाप में डूब जाता है. लेकिन परमपिता परमेश्वर के प्रिय पुत्र प्रभु यीशु हमें पापों से बचाते हैं, इसलिए हमें स्वार्थी न बन कर ईश्वर का दास, नम्र और दीन बनने की जरूरत है. विद्यालय की प्रधानाध्यापिका सिस्टर ललिता टोप्पो ने विद्यार्थियों को ईमानदारी व मेहनत का पाठ पढ़ाया. उन्होंने कहा कि जो मेहनत करता है और ईमानदारी से आगे बढ़ता है, वह अपने निर्धारित लक्ष्य तक जरूर पहुंचता है.
मेहनत और ईमानदारी से आगे बढ़ने वाले को कोई भी मुसीबत निर्धारित लक्ष्य तक पहुंचने में रोक नहीं पाता है. उन्होंने कहा कि संत अन्ना और जोवाकिम धार्मिक, सरल स्वभाव, उदार, दयालु व ईमानदारी जैसे कई गुणों से विभूषित थे. यही कारण है कि आज भी कलीसिया में उनका नाम जीवित है. वर्तमान समय में हमारे समाज में ऐसे ही व्यक्तियों की जरूरत है. उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि आप बड़ा सपना देखिये और उसे साकार करिये. इससे पूर्व बाइबल जुलूस निकाला गया.
नागपुरी नृत्य रहा आकर्षण का केंद्र
विद्यार्थियों ने जहां हिंदी, आदिवासी, नागपुरी, आसामी, मथुरा व म्यूजिकल नृत्य पेश किया. वहीं कई तरह के मनमोहन नाटक का भी मंचन किया. इस अवसर पर प्रधानाध्यापिका ने मैट्रिक के दो टॉपरों को सम्मानित किया. मौके पर सिस्टर सुशीला, सिस्टर स्टेला, सिस्टर फूलकेरिया, सिस्टर मंजूला, सिस्टर ललिता तिर्की, अंजना, निशि, गुलाबी, सुषमा, एलिस, सुशीला, जसिंता, राकेश, अनूप, महेश, संजय, सिलबेस्टर, संदीप सहित विद्यालय के सभी शिक्षक-शिक्षिकाएं, विद्यार्थी व दर्जनों की संख्या में अभिभावक उपस्थित थे.
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