माओवादियों की थी तलाश
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :09 Dec 2015 8:40 AM (IST)
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बिशुनपुर : जेजेएमपी के हथियारबंद उग्रवादी बिशुनपुर के देवरागानी, तेंदार, लुपुंगपाट, चीरोडीह, जेहनगुटुवा गांव में भाकपा माओवादियों को खोजने के लिए घुसे थे. वे लोग बीते कई दिनों से इस इलाके में जमे हुए थे. लेकिन माओवादियों से उनकी भिड़ंत नहीं हुई. मंगलवार को जेजेएमपी के उग्रवादियों को सूचना मिली कि झांगुर गुट के सुप्रीमो […]
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बिशुनपुर : जेजेएमपी के हथियारबंद उग्रवादी बिशुनपुर के देवरागानी, तेंदार, लुपुंगपाट, चीरोडीह, जेहनगुटुवा गांव में भाकपा माओवादियों को खोजने के लिए घुसे थे. वे लोग बीते कई दिनों से इस इलाके में जमे हुए थे.
लेकिन माओवादियों से उनकी भिड़ंत नहीं हुई. मंगलवार को जेजेएमपी के उग्रवादियों को सूचना मिली कि झांगुर गुट के सुप्रीमो रामदेव अपने दस्ते के साथ देवरागानी में छिपा है. वे लोग सुबह को कोनमेंडरा नदी में नहाने आते हैं. मंगलवार को भी नहाने के लिए रामेदव के कुछ साथी आनेवाले हैं. इस सूचना पर जेजेएमपी के उग्रवादी कोनमेंडरा नदी के बगल पहाड़ में मोरचा ले ली. जैसे ही दिन के दस बजे मोटरसाइकिल से दो अपराधी आये.
उग्रवादियों ने उनपर फायरिंग करना शुरू कर दी. इसमें एक अपराधी वरदी पहने हुए था. जबकि दूसरा अपराधी सादे लिबास में था. गोली लगने के बाद दोनों बाइक से गिर गये और पैदल भागने लगे, लेकिन गोली लगने के कारण झाड़ी में गिरने के बाद दोनों की मौत हो गयी.
सूचना है कि इन दोनों के पास राइफल था. जिसे जेजेएमपी के उग्रवादी लूट कर ले गये. मारे गये सोमा व सुशील दोनों पर घाघरा व बिशुनपुर थाने में कई मामले दर्ज होने की सूचना है. लेकिन पुलिस इसे अभी खंगाल रही है.
नौ महीने में झांगुर गुट के चार अपराधी ढेर : इस इलाके में नौ महीने में झांगुर गुट के चार सदस्य मारे गये हैं. एक मार्च 2015 को भी जेजेएमपी के उग्रवादियों ने उसी इलाके में दो अपराधियों को मार गिराया था. उस समय रामदेव भी था, लेकिन वह अपने कुछ साथियों के साथियों के साथ उस समय जान बचा कर भाग गया था. लेकिन पीछे से बाइक में चल रहे उसके दो साथी मारे गये थे. सोमा व सुशील के मारे जाने के बाद चार सदस्यों को जेजेएमपी ने नौ महीने में मार गिराया है.
गांव में तीन संगठन, दहशत में लोग : देवरागानी, तेंदार, लुपुंगपाट, चीरोडीह, जेहनगुटुवा गांव के ग्रामीण दहशत में है. इसका कारण इस क्षेत्र में उग्रवादी, नक्सली व अपराधी संगठन का होना है. माओवादी, जेजेएमपी व झांगुर गुट के लोग भारी संख्या में हैं. इससे लोग डरे हुए हैं कि कहीं उग्रवादियों व नक्सलियों की लड़ाई में ग्रामीणों को न नुकसान सहना पड़े. पुलिस इस क्षेत्र में जा रही है, लेकिन सुरक्षा की कोई गारंटी नहीं है.
जगुवार व एजी-7 के जवान पहुंचे
शुरू में सूचना मिली कि दो अपराधी व उग्रवादी संगठन के बीच मुठभेड़ हुई है. इस सूचना पर बिशुनपुर थाना के एसआइ रामनाथ टुडू, झारखंड जगुवार के इंस्पेक्टर पतरस बरवा, जगुवार व एजी-7 के जवान काफी संख्या में इलाके में घुसे.
लेकिन तबतक जेजेएमपी के उग्रवादी वहां से निकल गये थे. पुलिस जब वहां पहुंची तो दोनों अपराधियों का शव व बाइक मिली. पुलिस ने आसपास के क्षेत्र में छापामारी की. पर कुछ हाथ नहीं लगा. देर रात को पुलिस शव लेकर थाना पहुंची.
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