प्रतिभा के धनी थे डॉ मुखर्जी

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गुमला. नेहरू युवा केंद्र में सोमवार को देश के पहले उद्योगमंत्री डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती मनायी गयी. कार्यक्रम का उदघाटन एनवाइके की लेखापाल सुरीना टेटो ने चित्र पर माल्यार्पण कर किया. श्रीमती टेटे ने डॉ श्यामा प्रसाद की जीवनी पर प्रकाश डालते हुए कहा कि डॉ मुखर्जी का जन्म 6 जुलाई 1901 ई […]

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गुमला. नेहरू युवा केंद्र में सोमवार को देश के पहले उद्योगमंत्री डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती मनायी गयी. कार्यक्रम का उदघाटन एनवाइके की लेखापाल सुरीना टेटो ने चित्र पर माल्यार्पण कर किया. श्रीमती टेटे ने डॉ श्यामा प्रसाद की जीवनी पर प्रकाश डालते हुए कहा कि डॉ मुखर्जी का जन्म 6 जुलाई 1901 ई को कोलकाता में हुआ था. बचपन से ही मुखर्जी विलक्षण प्रतिभा के धनी थे. वे मात्र 33 वर्ष के उम्र में कोलकाता विश्वविद्यालय के कुलपति बने जो एक रिकार्ड है. लेखापाल ने कहा कि डॉ. मुखर्जी ने देश के विभाजन का पुरजोर विरोध किया था. उनके प्रयासों की वजह से ही आधा पंजाब व आधा बंगाल भारत में बना रहा. 21 अक्तूबर 1951 को उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संचालक गुरु गोलवलकर से परामर्श के बद दिल्ली में जनसंघ की नींव रखी. 23 जून 1953 को डॉ मुखर्जी की जम्मू-कश्मीर में रहस्यमय परिस्थिति में मौत हो गयी. मौके पर चंचल कुमारी, आरती कुमारी, रश्मि विनीता सहित सभी प्रखंडों के राष्ट्रीय युवा कोर शामिल थे.

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