गुमला : शौचालय की बदबू, पानी की किल्लत यही है केओ कॉलेज की व्यवस्था

।। दुर्जय पासवान ।। गुमला : केओ (कार्तिक उरांव) कॉलेज गुमला के विद्यार्थी कॉलेज के अंदर मूलभूत सुविधाओं का दंश झेलने को विवश हैं. कॉलेज के अंदर छात्र-छात्राओं के लिए अलग-अलग शौचालय की सुविधा है. परंतु शौचालय की न तो साफ-सफाई होती है और न ही पानी की व्यवस्था है. छात्रों का शौचालय इग्नू कार्यालय […]
।। दुर्जय पासवान ।।
गुमला : केओ (कार्तिक उरांव) कॉलेज गुमला के विद्यार्थी कॉलेज के अंदर मूलभूत सुविधाओं का दंश झेलने को विवश हैं. कॉलेज के अंदर छात्र-छात्राओं के लिए अलग-अलग शौचालय की सुविधा है. परंतु शौचालय की न तो साफ-सफाई होती है और न ही पानी की व्यवस्था है.
छात्रों का शौचालय इग्नू कार्यालय के पीछे है. वहीं पास से एक सीढ़ी ऊपर की ओर जाती है. परंतु शौचालय की साफ-सफाई नहीं होने से दुर्गंध बाहर तक फैल रही है. आलम यह है कि वहां से गुजरने वाले प्राध्यापक और विद्यार्थी अपनी नाक पर रूमाल रखकर गुजरते हैं.शौचालय इतना गंदा हो गया है कि विद्यार्थी शौचालय का उपयोग न के बराबर करते हैं. वहीं एक शौचालय कला संकाय के प्रवेश द्वार के सामने अंदर की ओर है. परंतु वह शौचालय कभी खुलता ही नहीं है. उसे ताला बंद कर रखते हैं.
* तीन चापानल में एक कामयाब
पेयजल की बात करें तो पूरे कॉलेज परिसर में तीन चापानल है. जिसमें दो चापानल खराब है. एक चापानल से विद्यार्थी अपनी प्यास बुझाते हैं. इसके अलावा कला संकाय के प्रवेश द्वार के समीप ही प्याऊ भी बनाया गया है. परंतु उसे अब तक शुरू नहीं किया गया है. इसी प्रकार प्रथम तल्ला में परीक्षा विभाग के सामने भी प्याऊ बनाया गया है. जिसमें पानी निकासी के लिए तीन नल लगे हैं. वहीं सुरक्षा के दृष्टिकोण से कॉलेज में कई बार सीसीटीवी कैमरा लगाया गया. परंतु हर बार सीसीटीवी कैमरा की चोरी हो गयी.
* साफ-सफाई पर ध्यान नहीं, बिजली भी नहीं जलती
साफ-सफाई की बात करें तो प्राय: सभी क्लासरूम गंदा रहता है. महीने में एक बार भी यदि क्लास रूम की सफाई कर दी गयी तो बहुत है. इसके अलावा कॉलेज परिसर की भी साफ-सफाई पर शायद ही कोई ध्यान दिया हो.बिजली रहने पर भी क्लास रूम में बिजली नहीं जलती. हालांकि बिजली कनेक्शन है और बल्ब भी लगाया गया है. परंतु शायद ही कहीं बल्ब जलती है. वहीं दूरदराज से साइकिल व बाइक पर कॉलेज पहुंचने वाले विद्यार्थियों के लिए स्टैंड की समुचित व्यवस्था नहीं है. जिस कारण विद्यार्थियों को अपनी साइकिल अथवा बाइक को कॉलेज परिसर में ही जहां-तहां लगाना पड़ता है.
* छात्रों ने गिनायी समस्या
छात्र संघ के संयुक्त सचिव रोहित कुमार सिंह, एबीवीपी के कॉलेज मंत्री अनिल साहू एवं विद्यार्थी विकास कुमार साहू व प्रकाश प्रसाद ने बताया कि कॉलेज में कई प्रकार की समस्याएं हैं. परंतु कॉलेज प्रबंधन द्वारा समस्याओं को दूर करने में रूचि नहीं दिखाया जा रहा है. जिसका खामियाजा विद्यार्थियों को भुगतना पड़ रहा है. कॉलेज में सबसे भारी परेशानी शौचालय व पानी की है.बाइक लगाने के लिए स्टैंड की सुविधा नहीं है. एक स्टैंड है, जो काफी छोटा है. वहां जगह भर जाने के कारण कॉलेज परिसर में ही जहां-तहां बाइक लगाना पड़ता है.
छात्रा मोनिका किंडो, ललिता कुमारी, सावित्री कुमारी व सुखमनी लकड़ा आदि छात्राओं ने बताया कि गुमला का एकमात्र कॉलेज है. परंतु कॉलेज के रखरखाव पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है.लड़कियों के कॉमन रूम से काफी बदबू फैल रही है. लड़कियां वहां जाना नहीं चाहती है. क्लास खत्म होने के बाद क्लास रूम में बैठने से मना किया जाता है और बाहर परिसर में बैठने के लिए व्यवस्था नहीं है. बरसात में और भी ज्यादा परेशानी होगी.
* प्रशासन समस्या दूर करने में नाकाम
छात्रों ने डीसी से मिलकर अपनी समस्या रखा. पीएचईडी के इइ को तकलीफ सुनायी. लेकिन कॉलेज का समस्या दूर करने में प्रशासन नाकाम रहा है. यहां तक कि कॉलेज प्रशासन भी इन समस्याओं को दूर नहीं कर पा रही है. जिससे छात्र परेशान हैं.
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