प्रशासन सोया रहा, पारा शिक्षकों ने की मदद
Updated at : 22 Jan 2019 6:20 AM (IST)
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गुमला : पारा शिक्षक घाघरा प्रखंड के हहरी स्कूल के पारा शिक्षक सुशील उरांव की मृत्यु से सदमे में हैं. सुनील उरांव को तीन माह से मानदेय नहीं मिला था. अार्थिक तंगी व उचित इलाज के अभाव में रविवार को उनकी मृत्यु हो गयी. शिक्षक की मृत्यु के बाद प्रशासन सोया रहा. यहां तक कि […]
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गुमला : पारा शिक्षक घाघरा प्रखंड के हहरी स्कूल के पारा शिक्षक सुशील उरांव की मृत्यु से सदमे में हैं. सुनील उरांव को तीन माह से मानदेय नहीं मिला था. अार्थिक तंगी व उचित इलाज के अभाव में रविवार को उनकी मृत्यु हो गयी.
शिक्षक की मृत्यु के बाद प्रशासन सोया रहा. यहां तक कि शिक्षा विभाग के अधिकारी सूचना के बाद भी पीड़ित परिवार का हालचाल जानने नहीं पहुंचे. वहीं दूसरी तरफ अपने साथी सुशील उरांव की मृत्यु से दुखी एकीकृत पारा शिक्षक संघ घाघरा मदद के लिए आगे आया. पारा शिक्षकों ने पीड़ित परिवार की मदद की.
11 हजार 500 रुपये नकद राशि दी. जरूरत पड़ने पर पीड़ित परिवार को हर संभव मदद करने का आश्वासन दिया है. मौके पर प्रखंड अध्यक्ष दिलमेश्वर महतो, महावीर महतो, प्रशांत कुमार, योगेंद्र कुमार यादव, दिनेश जायसवाल, पुसा उरांव, निरंजन भगत सहित कई सदस्य मौजूद थे. अध्यक्ष दिलमेश्वर महतो ने कहा कि सुशील उरांव हहरी के पारा शिक्षक थे.
तीन माह से उसे मानदेय नहीं मिला था. बीमार होने पर घर का जितना पैसा था, वह इलाज में खत्म हो गया. इसके बाद घर पर ही सुशील उरांव का इलाज चल रहा था. जिस प्रकार का इलाज होना चाहिए वह नहीं हो सका, नतीजा उनकी मौत हुई. अगर उन्हें मानदेय मिलता और इलाज ठीक से होता, तो हो सकता है कि वह आज हमारे बीच होते.
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