केला उत्पादन का हब बनता जा रहा है झारखंड का गुमला जिला

Updated at : 27 Dec 2018 8:50 AM (IST)
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केला उत्पादन का हब बनता जा रहा है झारखंड का गुमला जिला

गुमला : गुमला जिला केला उत्पादन का हब बनता जा रहा है. उद्यान्न विभाग की पहल पर जिले में प्रत्येक वर्ष योजना बना कर किसानों से केला की खेती करायी जा रही है. इससे न केवल गुमला जिला केला उत्पादन का हब बनता जा रहा है, बल्कि केला की खेती के प्रति किसान जागरूक हो […]

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गुमला : गुमला जिला केला उत्पादन का हब बनता जा रहा है. उद्यान्न विभाग की पहल पर जिले में प्रत्येक वर्ष योजना बना कर किसानों से केला की खेती करायी जा रही है. इससे न केवल गुमला जिला केला उत्पादन का हब बनता जा रहा है, बल्कि केला की खेती के प्रति किसान जागरूक हो रहे हैं और अपनी आर्थिक स्थिति को भी सुदृढ़ कर रहे हैं.
जिला उद्यान्न विभाग की ओर से छह-सात सालों से जिले के विभिन्न प्रखंडों में केला की खेती करायी जा रही है. पिछले साल भी खेती करायी गयी थी. वहीं विभाग की ओर से इस बार जिले के 70 एकड़ में केला की खेती कराने की योजना है, जो पिछले साल की अपेक्षा 20 एकड़ अधिक है. केला जी9 टिशु कल्चर वेराइटी का होगा. इस केला की खासियत यह है कि केला लंबा, मोटा और काफी मीठा होता है. जो बाजार में पूर्व से उपलब्ध केलों की अपेक्षा साइज और मिठास के मामले में बेहतर है.
अनुदान में मिलेगा 24 हजार का पौधा, खाद व बीज
केला की खेती कराने के लिए सरकार किसानों को अनुदान देगी. इसके लिए प्रति एकड़ पर अनुदान निर्धारित है. प्रति एकड़ पर किसानों को 24 हजार रुपये का केला का पौधा, खाद व बीज देगी. योजना में वैसे किसानों को लाभुक बनाया जायेगा, जिनके पास कम से कम एक एकड़ और अधिकतम जितनी भी जमीन हो. एक किसान को एक एकड़ से पांच एकड़ तक भूमि में खेती करने के लिए योजना दी जायेगी. किसानों ने योजना के अंतर्गत केला की खेती करने के लिए जिला उद्यान्न विभाग में आवेदन करना शुरू कर दिया गया है. अब तक 100 से अधिक किसानों ने आवेदन दिया है.
गेंदा फूल व लतेदार सब्जियों की भी होगी खेती
केला के अलावा उद्यान्न विभाग की ओर से 50 एकड़ भूमि पर गेंदा फूल एवं 50 एकड़ भूमि पर लतेदार सब्जियों (लौकी, नेनुवा, झिंगी, सेम, फरसबीन, करेला) की भी खेती कराने की योजना है. सरकार की ओर से गेंदा फूल की खेती के लिए किसानों को प्रति एकड़ आठ हजार रुपये का पौधा, खाद, बीज एवं लतेदार सब्जी पर प्रति एकड़ चार हजार रुपये का बीज व खाद अनुदान के रूप में मिलेगा.
केला खेती के प्रति किसानों में बढ़ रहा रुझान : डीएचओ
डीएचओ अंजनी कुमार मिश्रा ने बताया कि केला की खेती के प्रति किसानों में रुझान बढ़ रहा है. पूर्व में किसान केला खेती के प्रति रुचि नहीं रखते थे, परंतु जब से विभाग द्वारा जिले में केला की खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है, तब से प्रत्येक साल केला की खेती करने वाले किसानों की संख्या बढ़ रही है. पिछले साल 50 एकड़ भूमि पर खेती हुई थी, परंतु किसानों की रुचि को देखते हुए इस साल 70 एकड़ पर खेती कराने की योजना है.
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