सिद्धारमैया ने किया भावुक पोस्ट, कहा- मैंने कभी सोचा भी नहीं था

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Congress leader Siddaramaiah

इस्तीफा देने के बाद सिद्धारमैया, फोटो पीटीआई

Siddaramaiah Emotional Post: कर्नाटक में लंबे समय से नेतृत्व परिवर्तन को लेकर जारी संघर्ष के बीच गुरुवार को सिद्धारमैया ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया. उन्होंने पद छोड़ने के बाद एक्स पर एक भावुक पोस्ट किया है. जिसमें उन्होंने अपने दिल की बात कह डाली है. नीचे पढ़ें सिद्धारमैया ने क्या लिखा?

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Siddaramaiah Emotional Post: सिद्धारमैया ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल से लिखा- आज, मैं लोक भवन गया और, गवर्नर की गैर-मौजूदगी में, मुख्यमंत्री के पद से अपना इस्तीफा गवर्नर के स्पेशल सेक्रेटरी को सौंप दिया.

मैंने कभी सोचा भी नहीं था…

एक ऐसे इंसान के तौर पर जिसका जन्म और पालन-पोषण एक छोटे से गांव में हुआ, मैंने कभी सोचा भी नहीं था कि एक दिन मैं MLA, मंत्री, विपक्ष का नेता बनूंगा, और दो बार कर्नाटक के मुख्यमंत्री के तौर पर सेवा करूंगा. इतना बड़ा सपना सिर्फ बाबासाहेब डॉ बी आर अंबेडकर द्वारा लिखे गए संविधान की वजह से ही मुमकिन हो पाया.

48 साल के सार्वजनिक जीवन में मैंने हमेशा ईमानदारी से काम किया : सिद्धारमैया

सिद्धारमैया ने अपने पोस्ट में आगे लिखा- बुद्ध, बसवन्ना, बाबासाहेब अंबेडकर और महात्मा गांधी ने हमेशा मुझे सही रास्ता दिखाया है. अपने अड़तालीस साल के सार्वजनिक जीवन में, मैंने हमेशा ईमानदारी से गरीबों, दबे-कुचलों, उपेक्षितों और समाज में जिन्हें मौके नहीं मिले, उनके साथ खड़े होने की कोशिश की है. यही मेरे जीवन की सबसे बड़ी संतुष्टि है.

सिद्धारमैया ने सोनिया, राहुल और खरगे का जताया आभार

मैं हमेशा उन पार्टी विधायकों का आभारी रहूंगा जिन्होंने मुझ पर भरोसा किया और मुझे अपना नेता चुना; अपने कैबिनेट सहयोगियों का, जो हर चुनौती में मेरे साथ चले; और श्रीमती सोनिया गांधी, श्री राहुल गांधी और AICC अध्यक्ष श्री मल्लिकार्जुन खड़गे का, जिन्होंने मुझ पर विश्वास किया और मुझे यह जिम्मेदारी सौंपी.

मैं कर्नाटक की जनता के सामने सिर झुकाता हूं: सिद्धारमैया

सिद्धारमैया ने अपने पोस्ट में आगे लिखा- मैं कर्नाटक की जनता के सामने अपना सिर झुकाता हूं. लाखों प्यारे दिलों के सामने, जिन्होंने मुझे अपना ही एक हिस्सा माना, मुझे आशीर्वाद दिया, मेरा हौसला बढ़ाया, मेरी गलतियों को सुधारा, मुश्किल समय में मेरे साथ खड़े रहे, और इस लंबी यात्रा में हर कदम पर मेरा हाथ थामे रखा. आज मैं जो कुछ भी हूं, वह आप ही की वजह से हूं.

मेरा इस्तीफा सिर्फ मुख्यमंत्री के पद से है, सार्वजनिक जीवन से नहीं : सिद्धारमैया

संविधान ही मेरा धर्म है, और जनता ही मेरे भगवान हैं. मेरा इस्तीफा सिर्फ मुख्यमंत्री के पद से है, सार्वजनिक जीवन से या जनता के प्रति मेरी प्रतिबद्धता से नहीं. अपनी आखिरी सांस तक, मैं सामाजिक न्याय के लिए लड़ता रहूंगा और उन फूट डालने वाली सांप्रदायिक ताकतों के खिलाफ खड़ा रहूंगा जो हमारे संविधान की मूल भावना के खिलाफ हैं. इस यात्रा के हर कदम पर आपके प्यार, भरोसे और साथ के लिए धन्यवाद.

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अरबिंद कुमार मिश्रा

लेखक के बारे में

By अरबिंद कुमार मिश्रा

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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